कोवाली प्रखंड बनाने का मामला : पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार ने 45 दिन के अंदर मांगी रिपोर्ट
Author Prabhat khabar news desk
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पोटका प्रखंड से 15 पंचायतों को अलग कर कोवाली प्रखंड बनाने मामले में पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार के अंडर सेक्रेटरी पंकज कुमार ने प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग झारखंड सरकार को 45 दिन के अंदर उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है.
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पोटका प्रखंड से 15 पंचायतों को अलग कर कोवाली प्रखंड बनाने का है प्रस्ताव
जमशेदपुर :
पोटका प्रखंड से 15 पंचायतों को अलग कर कोवाली प्रखंड बनाने मामले की मांग विगत कई दशकों से उठ रही है. आरटीआई कार्यकर्ता संघ के केंद्रीय महासचिव सह आजसू पार्टी के जिला सचिव कृतिवास मंडल की पहल पर पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार के अंडर सेक्रेटरी पंकज कुमार ने प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग झारखंड सरकार को 45 दिन के अंदर उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही आजसू नेता कृतिवास मंडल को भी रिपोर्ट देने को कहा है. कृतिवास मंडल ने जनहित में 18 मई 2024 को पत्र भेजा था. पत्र में बताया था कि जिले के पोटका प्रखंड में वर्तमान में 34 पंचायत हैं, जिसके कारण ग्रामीणों, छात्र- छात्राओं को प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पोटका प्रखंड कार्यालय आना पड़ता है. बता दें कि पोटका प्रखंड के हल्दीपोखर, हरिना सड़क किनारे स्थित बुकमडीह सरकारी जमीन पर नया कोवाली प्रखंड बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था. पोटका के 34 ग्राम पंचायतों से 15 ग्राम पंचायतों (नारदा, हरिणा, जानमडीह, जामदा, हेंसल आमदा, तेंतला पोड़ा , टांगराईन चाकड़ी, हेंसरा, रसुनचोपा, गंगाडीह, पोड़ाडीहा, हल्दीपोखर पूर्वी, हल्दीपोखर पश्चिम पंचायत) को अलग कर कोवाली प्रखंड बनाने का प्रस्ताव है. अब पंचायत राज मंत्रालय भारत सरकार ने 45 दिन के अंदर उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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