Jamshedpur News : एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से बच्चों की जान को खतरा, सालाना 10 हजार मौतें : डॉ. चंद्र मोहन

Updated at : 21 Jul 2025 1:18 AM (IST)
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Jamshedpur News : एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से बच्चों की जान को खतरा, सालाना 10 हजार मौतें : डॉ. चंद्र मोहन

Jamshedpur News : एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है और समय पर इलाज नहीं होने पर मौत का कारण बन सकती है.

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झारखंड अकादमी ऑफ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी और एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, जमशेदपुर की ओर से सम्मेलन का आयोजन

Jamshedpur News :

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है और समय पर इलाज नहीं होने पर मौत का कारण बन सकती है. यह वायरस, बैक्टीरिया, फंगस, परजीवी संक्रमण या विषाक्त तत्वों से उत्पन्न होता है.

रविवार को साकची स्थित होटल में झारखंड अकादमी ऑफ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी और एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, जमशेदपुर की ओर से आयोजित पूर्वी भारत के चौथे व झारखंड के पहले सम्मेलन में एम्स पटना के डॉ. चंद्र मोहन कुमार ने बताया कि देश में हर साल एईएस व इससे जुड़ी बीमारियों से करीब 10 हजार बच्चों की मौत होती है.

उन्होंने कहा कि जापानी इंसेफ्लाइटिस, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे मच्छर जनित रोग एइएस के अंतर्गत आते हैं, जो मॉनसून में अधिक फैलते हैं. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बिहार, बंगाल, असम व तमिलनाडु जैसे धान उत्पादक क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक देखा गया है. पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला और बहरागोड़ा क्षेत्र भी संवेदनशील है. डॉ. चंद्र मोहन ने कहा कि जापानी इंसेफ्लाइटिस के लिए टीका आने से मामलों में कमी आयी है और जल्द ही डेंगू का टीका भी उपलब्ध होगा. उन्होंने थैलेसीमिया व सिकलसेल जैसी आनुवंशिक बीमारियों पर चिंता जताते हुए विवाहपूर्व और गर्भावस्था में जांच को जरूरी बताया.

सम्मेलन में अगरतल्ला मेडिकल कॉलेज के डॉ. संजीव कुमार, डॉ. प्रीति श्रीवास्तव, डॉ. संजय तांती, डॉ. मिथलेश कुमार, डॉ. एकता अग्रवाल सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे.

छह हजार में एक बच्चे को होती है न्यूरो मस्कुलर रोग

सेमिनार में चित्तरंजन सेवा सदन, कोलकाता से आये डॉ. सुदीप साहा ने न्यूरो मस्कुलर रोग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि छह हजार में एक बच्चे को यह बीमारी होती है. इस बीमारी में मरीज का पैर कमजोर हो जाता है. इसके साथ ही मरीज की मांसपेशियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती है.

क्विज व पोस्टर प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

इस सेमिनार में क्विज व पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसमें देशभर के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों ने भाग लिया.

पीजी पेपर प्रस्तुति में रहे विजेता

– प्रथम पुरस्कार – डॉ. सोनम (टीएमएच, जमशेदपुर)- द्वितीय- डॉ. सुभाश्री (टीएमएच)

– तृतीय- डॉ. रोशन (टीएमएच)

पीजी पोस्टर प्रतियोगिता

– प्रथम- प्रतीक सरकार (रिम्स, रांची)- द्वितीय- राहुल मुखर्जी (रिम्स, रांची)- तृतीय – स्नेहा सोनाली (एमजीएम, जमशेदपुर)

विशेषज्ञ वर्ग : शोध प्रस्तुत किया

– श्रेष्ठ पेपर : डॉ. आद्याशा मिश्रा (टीएमएच)

विशेषज्ञ वर्ग : पोस्टर प्रतियोगिता

– प्रथम- डॉ. आद्याशा मिश्रा (टीएमएच)

– द्वितीय-डॉ ममता (बोकारो)

क्विज प्रतियोगिता में ये रहे विजेता

– प्रथम- डॉ. राहुल व डॉ. विशाखा (रिम्स, रांची)- द्वितीय- डॉ रोशन मोहंती व डॉ. सोनम (टीएमएच, जमशेदपुर)- तृतीय : डॉ. श्रेया व डॉ. दिव्याशा (टीएमएच, जमशेदपुर)

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