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आंशिक संशोधन आदिवासी हित में : रघुवर

करनडीह स्थित जयपाल मैदान में आदिवासी यूथ क्लब की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए कई गांवों के लोग. जमशेदपुर : सीएनटी व एसपीटी एक्ट आदिवासियों की रक्षा के लिए बना है. हम सीएनटी व एसपीटी एक्ट का सम्मान करते हैं. इस एक्ट में आंशिक बदलाव कर हम आदिवासियों का उत्थान […]

करनडीह स्थित जयपाल मैदान में आदिवासी यूथ क्लब की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए कई गांवों के लोग.
जमशेदपुर : सीएनटी व एसपीटी एक्ट आदिवासियों की रक्षा के लिए बना है. हम सीएनटी व एसपीटी एक्ट का सम्मान करते हैं. इस एक्ट में आंशिक बदलाव कर हम आदिवासियों का उत्थान करना चाहते हैं. इस संशोधन से आदिवासियों को ही फायदा मिलेगा. लेकिन, बिना जनाधार वाले आदिवासी नेता लोगों को दिग्भ्रमित करने में लगे हुए हैं. यह एक्ट आगे भी जस का तस रहेगा. यह बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहीं. वे रविवार को करनडीह स्थित जयपाल मैदान में आयोजित 40वां दिशोम सोहराय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने आदिवासियों के विकास में कई अादिवासी नेताओं व तथाकथित बुद्धिजीवियों को सबसे बड़ा रोड़ा बताया तथा समाज के लोगों को ऐसे लोगों को सबक सिखाने की अपील की. उन्होंने कहा कि झारखंड नामधारी पार्टी व नेताओं ने आदिवासी के नाम पर खूब राजनीति की है. उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है. आदिवासियों के पिछड़ेपन के लिए ऐसे ही नेता जिम्मेवार हैं. इन्हें जनता के विकास से कोई लेना-देना नहीं रह गया है.
हर हाथ को काम, हर खेत को पानी : रघुवर दास ने कहा कि उनकी सरकार गांव में रहने वाले लोगों का तेजी से विकास करना चाहती है. ग्रामीणों को भी अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली व रोजगार की सुविधा मिले. गांव के हर हाथ को काम व हर खेत को पानी मिले. इस दिशा में सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकारी तालाब के साथ-साथ निजी तालाबों का जीर्णोद्धार होगा. लोग कृषि कार्य करने के साथ-साथ मछली पालन व मुर्गी पालन कर आर्थिक स्थिति को मजबूत बनायें. इस उद्देश्य से अगले साल से मुर्गी पालन करने वालों को 4 लाख तक की सहयेाग राशि प्रदान की जायेगी. महिला सखी मंडली को भी स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चादर, कंबल समेत अन्य चीजों के निर्माण की ट्रेनिंग दी जायेगी. सरकार अन्य कई कल्याणकारी योजनाएं भी चला रही है जिसका आनेवाले दिनों में सभी को लाभ मिलेगा.
इससे पूर्व आदिवासी यूथ क्लब पदाधिकारी व सदस्यों के द्वारा फूटा काचा व माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया. कार्यक्रम का संचालन ईश्वर सोरेन व स्वागत भाषण बहादुर हांसदा ने दिया.मौके पर सांसद, विद्युत वरण महतो, विधायक मेनका सरदार, जिप उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार, रमेश हांसदा समेत कई भाजपा नेता, आदिवासी यूथ क्लब के सदस्यों के विभिन्न गांवों के लोग उपस्थित थे.
मार्च 2017 तक स्टेडियम निर्माण का शिलान्यास
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जयपाल स्टेडियम को भव्य रूप देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में मार्च तक स्टेडियम निर्माण का शिलान्यास किया जायेगा. उसके बाद वर्ष 2018 में एक ऑडिटोरियम का भी निर्माण कराया जायेगा. सरकार आदिवासी समुदाय के भाषा-संस्कृति, सांस्कृतिक धरोहर के सम्मान करती है. इसके विकास के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं. कला व संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन से न सिर्फ हमारी पहचान मजबूत होगी बल्कि हम अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ा सकेंगे.
पारंपरिक ग्रामप्रधानों ने किया असहयोग : दासमात
जमशेदपुर. जुगसलाई तोरोफ परगना दासमात हांसदा ने कहा कि करनडीह दिशोम सोहराय में पारंपरिक ग्राम प्रधान व माझी बाबा एवं समाज के अन्य अगुवा शामिल नहीं हुए. पारंपरिक अगुवा ने कार्यक्रम में असहयोग किया है. यह कार्यक्रम पूरी तरह से फ्लॉप रहा. उन्होंने कहा कि सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन करने की बात करने वाले मुख्यमंत्री को आदिवासी समाज की ओर से सहयोग करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. करनडीह में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पीछे की मंशा को पारंपरिक समाज के अगुआ भली भांति समझते हैं. कार्यक्रम में समाज के लोग शामिल नहीं हुए.
अनीता मिस और करण बने मिस्टर आदिवासी
दिशोम सोहराय के अवसर पर युवाओं की प्रतिभाओं को मंच देने के लिए मिस एंड मिस्टर आदिवासी का आयोजन किया गया था. प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कुछ मानदंड निर्धारित किये गये थे.
इस बार प्रतियोगिता में कुल सात प्रतिभागियों ने भाग लिया था. लेकिन अंतिम रूप से खिताब क्रमश: अनीता हेंब्रम व कमल करण टुडू को मिला. अनीता हेंब्रम परसुडीह क्षेत्र के शंकरपुर की रहने वाली है. जबकि कमल करण टुडू हलुदबनी के रहने वाले हैं.
सुराई माझी के मवेशी को प्रथम पुरस्कार
दिशोम सोहराय में सारजामदा निवासी सुराई माझी के मवेशी को प्रथम पुरस्कार मिला. हुडिंञ सोय व डुमकागोड़ा के राजेश मुर्मू के मवेशी को क्रमश: द्वितीय व तृतीय पुरस्कार मिला. खुंटव में विभिन्न गांवों के 10 मवेशी शामिल हुए. विजयी मवेशी के मालिक को मुख्यमंत्री ने पुरस्कार दिया.
मुख्यमंत्री को समाज ने नकारा : दुर्गाचरण मुर्मू
तालसा माझी बाबा दुर्गा चरण मुर्मू ने कहा कि करनडीह में आदिवासी दिशोम सोहराय आदिवासी यूथ क्लब का था. इससे समाज का कोई लेना देना नहीं है. आदिवासी समाज पहले से ही कार्यक्रम का विरोध करता आ रहा था. लेकिन मुख्यमंत्री के दबाव में जिला प्रशासन ने कुछ असामाजिक तत्वों के साथ माझी बाबाओं पर दबाव बनाया. कार्यक्रम को आदिवासी समाज ने नकारा दिया है. समाज के लोग इसमें शामिल नहीं हुए. जो भी लोग कार्यक्रम में थे. सभी भाजपा के कार्यकर्ता थे. सीएम को इससे सबक लेने की जरूरत है.
Prabhat Khabar Digital Desk
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