जमशेदपुर: अगले साल से बीएड कोर्स में बदलाव किया जायेगा. नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) ने नये कोर्स का डिजाइन भी कर लिया है. कोर्स में शामिल होने वाले संभावित पाठय़क्रम की सूची तैयार कर इसे कॉलेज प्रबंधन को भेज दिया गया है.
साथ ही वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया है. अब विवि के स्तर पर तय किया जायेगा कि वे उक्त पाठय़क्रम से किसे अपने यहां इस्तेमाल करते हैं. ऑटोनॉमस कॉलेज को एनसीटीइ द्वारा तैयार किये गये संभावित कोर्स में से कई पाठय़क्रम को अलग कर अपने स्तर पर कोर्स को तैयार किया जायेगा. जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ सुमिता मुखर्जी ने कहा कि एनसीटीइ ने संभावित कोर्स की सूची भेज दी है, लेकिन इस बार काफी देर हो जाने की वजह से नये कोर्स को डिजाइन नहीं किया गया है, लेकिन अगले सत्र से बीएड में नये कोर्स को लागू किया जायेगा.
क्यों पड़ी जरूरत
राज्य के 95 कॉलेजों से बीएड का कोर्स करवाया जा रहा है, लेकिन सभी में बीएड की जो पढ़ाई करवायी जा रही है वह करीब दो दशक पुरानी कोर्स है. दो दशक पुराने पाठय़क्रम को अब तक कॉलेजों में पढ़ाई करवायी जा रही है, जबकि समय के साथ-साथ पठन-पाठन के तरीकों में काफी बदलाव किया गया है. यही वजह है कि बीएड पास उम्मीदवारों के रूप में भी अच्छे शिक्षक नहीं बन पाते हैं. पढ़ाई की गुणवत्ता को सुधारने के लिए एनसीटीइ द्वारा कोर्स में परिवर्तन करने का फैसला लिया गया है.
