कोर्ट के आदेश पालन में स्वास्थ्य मंत्री बन रहे रोड़ा, 12 िदन फाइल दबाये रखी
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची : स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने अपर निदेशक के पद पर कार्यरत डॉ विजय नाथ खन्ना को निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य (डीआइसी) नियुक्त करने के लिए 25 अक्तूबर को आदेश जारी किया है. उन्होंने इससे संबंधित फाइल बढ़ायी है. एेसा कोर्ट के आदेश के बाद किया गया है, जिसके अनुपालन की समय सीमा 15 […]
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रांची : स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने अपर निदेशक के पद पर कार्यरत डॉ विजय नाथ खन्ना को निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य (डीआइसी) नियुक्त करने के लिए 25 अक्तूबर को आदेश जारी किया है. उन्होंने इससे संबंधित फाइल बढ़ायी है.
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एेसा कोर्ट के आदेश के बाद किया गया है, जिसके अनुपालन की समय सीमा 15 नवंबर को समाप्त हो रही है. ऐसा न होने पर यह मामला कोर्ट की अवमानना का हो जायेगा. इससे पहले 13 अक्तूबर को भी यह फाइल बढ़ी थी.
पर विभागीय मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने करीब 12 दिनों तक फाइल अपने पास रखने के बाद 22 अक्तूबर को यह लिख कर फाइल वापस कर दी कि डॉ खन्ना को नियमित प्रोन्नति (अपर निदेशक से निदेशक, ताकि उन्हें निदेशक प्रमुख बनाया जा सके) मिलने तक यथास्थिति बरकरार रखी जाये.
स्वास्थ्य विभाग में सबसे वरीय डॉ खन्ना को ही निदेशक प्रमुख बनाने संबंधी संचिका पूर्व में भी विभागीय सचिव ने बढ़ायी थी. पर विभागीय मंत्री ने उनसे जूनियर डॉ विजय शंकर दास को निदेशक प्रमुख का प्रभार दे दिया था. डॉ खन्ना ने इस संबंध में निकली विभागीय अधिसूचना (दिनांक-1.7.19) को हाइकोर्ट में चुनौती दी थी.
इसकी सुनवाई के बाद कोर्ट ने 19 सितंबर को आदेश पारित किया कि याचिकाकर्ता की बात सुनी जाये तथा इसके आधार पर एक कानून सम्मत आदेश 15 नवंबर तक पारित किया जाये, क्योंकि याचिकाकर्ता (डॉ खन्ना) 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि याचिककर्ता यह लाभ दिये जाने के योग्य हैं, तो उन्हें तीन सप्ताह के अंदर यह लाभ दे दिया जाये.
पहले भी हुई है वरीयता की अनदेखी
ऐसा पहली बार नहीं है, जब स्वास्थ्य विभाग में वरीयता की अनदेखी हुई है. इससे पहले भी डॉ रामचंद्र पासवान से सीनियर डॉ जेपी सिंह को डीआइसी नहीं बनाया गया था. जिलों के सिविल सर्जन बनाने में तो वरीयता का पैमाना पूरी तरह फेल है. तत्कालीन सचिव के विद्यासागर ने बाकायदा विभागीय आदेश निकाल कर साफ कर दिया था कि सिविल सर्जन बनाने का आधार वरीयता होना चाहिए.
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