रांची : राज्य में खाद्य सुरक्षा लागू, भूख से मौत हुई, तो सरकार जिम्मेदार
केंद्रीय खाद्य सचिव ने जमशेदपुर में किया फिल्ड विजीट, कहा जमशेदपुर/रांची : झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू है अौर 80 फीसदी लोग इसमें कवर हैं. इसके बावजूद अगर किसी की भूख से मौत होती है, तो इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है. यह बातें भारत सरकार के केंद्रीय खाद्य सचिव रविकांत ने कही. […]
केंद्रीय खाद्य सचिव ने जमशेदपुर में किया फिल्ड विजीट, कहा
जमशेदपुर/रांची : झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू है अौर 80 फीसदी लोग इसमें कवर हैं. इसके बावजूद अगर किसी की भूख से मौत होती है, तो इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है. यह बातें भारत सरकार के केंद्रीय खाद्य सचिव रविकांत ने कही. वे बुधवार को फील्ड विजिट अौर अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
सचिव ने बताया कि यह रुटीन निरीक्षण था. खाद्य सचिव ने बताया कि देश में साढ़े पांच सौ लाख टन सालाना खाद्यान्न बांटते हैं. खाद्यान्न देने का पूरा सिस्टम अॉनलाइन किया गया है. किस डिपो में कौन खाद्यान्न कब से स्टॉक है, पुराने स्टॉक को पहले क्लीयर करने के नियम के अनुपालन की मॉनिटरिंग भी की जाती है. खासकर पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश अौर आंध्र प्रदेश में इसे लेकर विशेष ध्यान है.
खाद्यान्न भींगने व सड़ने की बात गंभीर
केंद्रीय सचिव ने बताया कि लापरवाही व अन्य कारणों से खाद्यान्न के भीगने अौर सड़ने की बात गंभीर है, हालांकि एफसीआइ में स्टोरेज के दौरान खाद्यान्न के खराब होने में कमी आयी है. नेचुरल व ट्रांजिट लॉस पर भी क्लोज मॉनिटरिंग की जा रही है. इस कारण उक्त श्रेणी में लॉस में कमी आयी है. उन्होंने एफसीआइ में लापरवाही से बड़े पैमाने में खाद्यान्न खराब होने व सड़ने की सामान्य धारणा को सही नहीं बताया.
जहां भी राशन मिलने में दिक्कत है, डीसी देखें
झारखंड, बंगाल अौर ओड़िशा राज्य के सीमावर्ती इलाके व खासकर गुड़ाबांधा पहाड़ी, दुर्गम व सुदूर ग्रामीण इलाके में कार्डधारियों को समय पर राशन नहीं मिलता है. नेटवर्क की समस्या के सवाल पर सचिव ने कहा कि ऐसे मामले में इ-पॉश मशीन के बजाय अॉफलाइन से राशन दे सकते हैं.
इसी तरह मजदूर-कुष्ठ रोगी, दुर्घटना में हाथ गंवा चुके लोगों का पहचान लेकर अॉफलाइन राशन दिया जा सकता है. इसके अलावा राशन मिलने में कार्डधारी को कोई दिक्कत है, तो डीसी मामले को देखेंगे.
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