एमसीआई टीम ने लिया एमजीएम का जायजा, कुछ खास नहीं दिखा सुधार

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जमशेदपुर : मंगलवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंची एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम को कई खामियां नजर आयीं. यहां तक कि पिछले महीने के मरीजों का डाटा भी टीम को अस्पताल प्रबंधन नहीं उपलब्ध करा सका. टीम ने पिछली बार जांच में बतायी गयी 27 कमियों का दोबारा निरीक्षण किया. इसकी रिपोर्ट टीम एमसीआइ को […]

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जमशेदपुर : मंगलवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंची एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम को कई खामियां नजर आयीं. यहां तक कि पिछले महीने के मरीजों का डाटा भी टीम को अस्पताल प्रबंधन नहीं उपलब्ध करा सका. टीम ने पिछली बार जांच में बतायी गयी 27 कमियों का दोबारा निरीक्षण किया. इसकी रिपोर्ट टीम एमसीआइ को सौंपेगी.उसके आधार पर ही मेडिकल कॉलेज की 100 सीटें बरकरार रहेगी. टीम के निरीक्षण के दौरान हर विभाग में कमी नजर आयी. यहां तक कि टीम को गाइड कर रहे पदाधिकारी के पास भी अस्पताल की सही-सही जानकारी नहीं थी. इस वजह से टीम को जानकारी लेने में भी परेशानी हुई.
एक्सरे विभाग : टेक्नीशियन की होती रही खोज. टीम जब एक्सरे रूम में पहुंची, तो वहां कोई टेक्नीशियन नहीं था. थोड़ी देर बाद पहुंचे टेक्नीशियन से टीम ने पूछताछ की. निरीक्षण के दौरान कई विभागों में कर्मचारी उपस्थित नहीं थे.
अपडेट नहीं थे पदाधिकारी. टीम के साथ घूम रहे अस्पताल के पदाधिकारियों को कई विभाग व रूम की जानकारी नहीं थी. टीम द्वारा पूछे गये सवालों का कई कर्मचारी सही ढंग से जवाब नहीं दे सके. टीम सदस्यों द्वारा कंबाइंड ऑपरेशन थियेटर, सेंट्रल क्लिनिकल लेबोरेटरी की खोज होती रही, लेकिन बाद में उसको दिखाया गया.
आई ओपीडी के डार्क रूम में रखा था बैग. टीम जब आई ओपीडी पहुंची, तो डार्क रूम दिखाने को कहा. जांच में पाया गया कि डार्क रूम का दरवाजा ठीक से नहीं खुल रहा है. किसी तरह दरवाजा खोले जाने पर उसमें मेडिकल छात्रों व कर्मचारियों का बैग मिला. टीम ने सभी सामानों को हटाने को कहा.
ड्रेसिंग रूम व माइनर ओटी नहीं था अपडेट. अस्पताल के ओपीडी में चल रहे ड्रेसिंग रूम व माइनर ओटी दोनों अपडेट नहीं थे. उसमें रखे सामान भी पूरे नहीं थे. टीम के सदस्यों ने कहा कि अगर किसी मरीज का खून बह रहा हो तो उसे रोकने के लिए कोई उपकरण नहीं है. टीम ने ड्रेसिंग रूम व माइनर ओटी में उपकरण उपलब्ध कराने को कहा. सही नहीं है सेंट्रल स्टरलाइजेशन रूम. टीम ने सेंट्रल स्टरलाइजेशन रूम देखा. टीम ने उसे सही नहीं बताया. वहां पर स्थित कर्मचारियों से रिसीविंग प्वाइंट की जानकारी मांगी. लेकिन किसी कर्मचारी को इसकी जानकारी नहीं थी.
मेडिकल कॉलेज की भी जांच. एमसीआइ की टीम ने अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज की भी जांच की. वहां लाइब्रेरी, प्रयोगशाला सहित अन्य विभागों को देखा. प्राचार्य डॉ एसी अखौरी से पूछताछ की. अस्पताल व कॉलेज में कार्यरत डॉक्टरों के कागजातों की जांच की. टीम के सदस्य बुधवार को भी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की जांच करेंगे.
डॉक्टरों की संख्या व स्वीकृत पद के बारे में ली जानकारी
निरीक्षण करने पहुंची टीम में असम के डॉ बीके दास के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम आयी है. निरीक्षण के बाद कॉलेज में प्राचार्य, अधीक्षक, उपाधीक्षक व सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की. इस दौरान डॉक्टर, नर्स, कर्मचारी व स्वीकृत पद के बारे में जानकारी ली. प्राचार्य डॉ एसी अखौरी ने बताया कि टीम के सदस्यों द्वारा कॉलेज में शुरू हो रही पढ़ाई के लिए कितने संसाधन व उपकरण हैं, इसके बारे में जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि कॉलेज की ओर से पीजी की 57 सीट के लिए आवेदन दिया गया है.
हर विभाग में मिलीं कमियां
टीम ने सबसे पहले अधीक्षक के चेंबर में जाकर उनसे बात की. साथ ही अस्पताल में उपस्थित सभी डॉक्टरों से एक कागजात की शीट पर साइन कराया. इसके बाद टीम ने जांच शुरू की. टीम सबसे पहले सेंट्रलाइज कंप्यूटर सेंटर में पहुंची. यहां कर्मचारियों से अस्पताल में मंगलवार को इलाज कराने आये मरीजों का डाटा मांगा. इसके साथ ही पिछले महीने आये मरीजों का डाटा मांगा. जो टीम को नहीं उपलब्ध कराया जा सका. फिर टीम ओपीडी के गायनिक, डेंटल, सीटी स्कैन, एक्सरे, पैथोलॉजी, मेडिकल, आॅर्थो, आई, इंजेक्शन सेंटर, अल्ट्रासाउंड सेंटर, सर्जरी और ओपीडी की जांच करने के साथ ही आॅर्थो के ओटी को देखा. आॅर्थो में कितना मेजर व कितना माइनर ऑपरेशन हुआ इसकी जानकारी ली. इसके साथ ही इमरजेंसी, आइसीयू की भी जांच की. इस दौरान सभी ओपीडी में रजिस्टर की जांच करने के साथ कितने मरीज आये, दो दिन पहले कितने मरीज इलाज कराने आये थे इसकी जानकारी ली. टीम ने अस्पताल के हर विभाग में कमी बतायी. जांच के दौरान टीम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से पूछताछ करने के साथ ही किस वार्ड में कितने बेड हैं, कितने माइनर व मेजर ऑपरेशन होते हैं इसकी भी जानकारी ली. टीम के साथ संबंधित विभाग के एचओडी, अधीक्षक व उपाधीक्षक मौजूद थे.
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