ePaper

टाटा स्टील में पोकलेन चालक की संदिग्ध स्थिति में मौत, परिजनों ने मुंशी को पीटा, ठेकेदार को बनाया बंधक

Updated at : 28 May 2018 2:34 AM (IST)
विज्ञापन
टाटा स्टील में पोकलेन चालक की संदिग्ध स्थिति में मौत, परिजनों ने मुंशी को पीटा, ठेकेदार को बनाया बंधक

जमशेदपुर : टाटा स्टील कंपनी के अंदर सुनील इंटरप्राइजेज में कार्यरत पोकलेन चालक पूरनो कैवर्त (35) की शनिवार की रात कंपनी परिसर में संदिग्ध परिस्थिति मौत हो गयी. मृतक बागुनहातू रोड नंबर पांच गड्ढा मैदान के पास का रहने वाला था. घटना शनिवार देर रात की है. घटना के बाद ठेका कंपनी के मालिक और […]

विज्ञापन
जमशेदपुर : टाटा स्टील कंपनी के अंदर सुनील इंटरप्राइजेज में कार्यरत पोकलेन चालक पूरनो कैवर्त (35) की शनिवार की रात कंपनी परिसर में संदिग्ध परिस्थिति मौत हो गयी. मृतक बागुनहातू रोड नंबर पांच गड्ढा मैदान के पास का रहने वाला था. घटना शनिवार देर रात की है. घटना के बाद ठेका कंपनी के मालिक और अन्य कर्मचारियों ने देर रात को ही शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया था.
रविवार को सुबह जब घटना की जानकारी देने सुनील इंटरप्राइजेज के मालिक सुनील सिंह और मुंशी शत्रुघ्न उसके घर गये तो आक्रोशित बस्तीवासियों ने दोनों को बंधक बना लिया तथा मुंशी की पिटाई कर दी. बाद में मौके पर पुलिस पहुंची तथा करीब दो घंटे के जद्दोजहद के बाद मुआवजा राशि तय करवा कर मामला शांत कराया. पुलिस मुआवजा राशि दिलाने के लिए दोनों पक्ष के लोगों को थाने ले आयी. समाचार लिखे जाने तक थाने में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था.
मुआवजे को लेकर बनाया बंधक : जब रविवार को सुनील इंटरप्राइजेज के मालिक सुनील सिंह और मुंशी शत्रुघ्न बागुनहातू पहुंच कर परिवार के लोगों को पूरनो की मौत की जानकारी दी तो बस्ती की महिलाओं व अन्य लोगों ने दोनों को बंधक बना लिया और कहा कि जब तक मुआवजा की राशि और नौकरी तय नहीं होगी, दोनों को छोड़ा नहीं जायेगा. इस दौरान मृतक के साले और परिजनों ने मुंशी की पिटाई कर दी.
हंगामा के बाद सुनील सिंह ने परिजनों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही. लेकिन परिवार के लोग पांच लाख रुपये मुआवजा की मांग कर रहे थे. काफी देर तक हंगामा होने के बाद 3.50 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी पर सहमति बनी. इस दौरान भाजपा नेत्री वंदना नामता और अन्य लोग भी उपस्थित थे.
एक माह से मिल रही थी धमकी
पुरनो की पत्नी सविता ने बताया कि पूरनो एक माह से काम पर नहीं जाना चाह रहा था. उसे कंपनी परिसर में माल उठाने के लिए धमकी मिल रही थी. इस बात की जानकारी उसने सुपरवाइजर और मुंशी को दी थी. घटना के दिन भी पूरनोने अपने साला को फोन कर बताया था कि तीन चार लोग उसे मारने के लिए आये हैं. वे उसकी हत्या कर देंगे.
इसकी सूचना मुंशी को देने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया . डंपर के नीचे आने से हुई मौत : सुनील इंटरप्राइजेज के मालिक सुनील सिंह ने बताया कि पुरनो की मौत एक दुर्घटना है. हत्या का आरोप गलत है. कंपनी परिसर में डंपर के नीचे आने से उसकी मौत हुई है. परिवार के लोग जिस प्रकार से कंपनी परिसर में धमकी देने और हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं. वह गलत है.
साले को फोन पर बताया था- कुछ लोग जान से मारने की धमकी दे रहे
घटना के संबंध में पूरनो के साले ने बताया कि शनिवार को देर रात पुरनो ने उसे फोन कर बताया था कि कंपनी परिसर में कुछ युवक उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. यह कह कर उसने फोन रख दिया. फोन रखने के कुछ देर के बाद पुरनो के साले ने कंपनी के मुंशी शत्रुघ्न को फोन कर पूरी जानकारी दी. थोड़ी देर के बाद मुंशी ने पुरनो के साले को फोन कर मौत की जानकारी दी. पुरनो के परिवार में पत्नी के अलावा सात बच्चे हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola