नागाडीह हत्याकांड : एक साल बाद भी नहीं कम हुए पीड़ितों के जख्म

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जमशेदपुर : अगर सरकार और प्रशासन इंसाफ नहीं दिला सकता, तो हमारे परिवार के सभी लोगों को गोली मार दे. हमें इससे अधिक संतुष्टि मिलेगी, कम से कम परिवार के तीन लोगों को याद कर रोने वाला तो कोई नहीं होगा. यह कहना है कि बागबेड़ा के नागाडीह में बच्चा चोरी की अफवाह में मारे […]

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जमशेदपुर : अगर सरकार और प्रशासन इंसाफ नहीं दिला सकता, तो हमारे परिवार के सभी लोगों को गोली मार दे. हमें इससे अधिक संतुष्टि मिलेगी, कम से कम परिवार के तीन लोगों को याद कर रोने वाला तो कोई नहीं होगा. यह कहना है कि बागबेड़ा के नागाडीह में बच्चा चोरी की अफवाह में मारे गये जुगसलाई नया बाजार निवासी विकास-गौतम के दादा गुरु प्रसाद का. 18 मई को क्रूर भीड़ ने तीन युवक व वृद्धा की पीटकर हत्या कर दी थी. साल पूरे होने के बाद भी पीड़ित परिवार न्याय का इंतजार कर रहा है. परिवार के तीन सदस्य खोने वाले वृद्ध गुरु प्रसाद समेत पूरा परिवार सरकार व प्रशासन से खफा है.
घटना को याद कर गुरु प्रसाद गुरुवार काे भावुक हो गये. बताया कि उपायुक्त और एसएसपी ने कई आश्वासन सरकार की ओर से दिया, जिसे समय के साथ सभी भूल गये. पत्नी रामसखी देवी व पोता विकास-गौतम की पीट पीटकर हत्या कर दी गयी,
पुलिस वाले तमाशा देखते रहे. हमने जो खोया है, अगर सरकार और प्रशासन लौटा दे तो बदले में हम उसे दोगुना मुआवजा राशि देंगे. विकास वर्मा और गौतम वर्मा के पिता मानिक चंद्र ने कहा कि मेरी मां और बेटों ने झारखंड में रहने के लिए कुर्बानी दी है. उन्होंने कहा कि 70 साल से जुगसलाई में रह रहे है, आज तक न किसी से लड़ाई हुई है और न ही उनके परिवार ने एक चींटी को मारा है.
मौजूद पुलिसकर्मियों को मिले फांसी की सजा: कुंती देवी
घटना को याद कर विकास वर्मा और गौतम वर्मा की मां कुती देवी ने कहा कि हत्यारों ने घर के तीन लोगों की हत्या कर दी. हत्याकांड में बड़े गुनाहगार मौजूद पुलिसकर्मी है. पहले उन पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए . इतना कहते हुए वह रोने लगीं. परिवार के लोगों ने उन्हें चुप कराया.
एक साल बाद भी कई फरार, हो सीबीआइ जांच : उत्तम वर्मा
नागाडीह में कांड में मृत गौतम और विकास के बड़े भाई उत्तम वर्मा ने कहा कि एक साल बाद भी कई आरोपी फरार है. मुख्य आरोपी जगत मार्डी, विभीषण सरदार, डाक्टर मार्डी खुलेआम घूम रहे है. उन्होंने कहा कि घटना की सीबीआइ जांच की मांग की गयी थी, लेकिन लेकिन इसे आम केस की तरह देखा जा रहा है. दोषी पुलिसकर्मियों पर भी दिखावे की कार्रवाई की गयी. मामला शांत होते ही उनकी पोस्टिंग कर दी गयी. उत्तम ने बताया कि एडीजे-चार की कोर्ट में नागाडीह हत्याकांड मामले में 22 मई को गौतम-विकास के पिता मानिक चंद्र प्रसाद की गवाही होने वाली है.
मां-बाप का इकलौता चिराग था गंगेश
बागबेड़ा निवासी गंगेश के चाचा सत्यनारायण गुप्ता ने बताया कि गंगेश गुप्ता अपने माता-पिता का इकलौता चिराग था. आज भी उसकी मां उसे याद कर बार-बार बेहोश हो जाती है. बागबेड़ा स्थित आवास पर यादों के कारण वह एक दिन भी ठीक से नहीं रह पाती है. हम लोगों ने उसे गांव में शिफ्ट कर दिया है. जब भी वह यहां आती है उसे गंगेश की याद आती है. सत्यनारायण गुप्ता ने बताया कि एक साल बाद भी परिवार को इंसाफ का इंतजार है.
श्रद्धांजलि सभा आज
नागाडीह में बच्चा चोर के अफवाह में मारे गये चार लोगों की याद में भावी भारत फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से 18 मई को बजरंग टेकरी , शीतला मंदिर के पास नि:शुल्क चिकित्सा जांच शिविर और पौध रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है.
यह है मामला
बागबेड़ा थानांतर्गत नागाडीह गांव में 18 मई 2017 की रात 8 बजे गौतम वर्मा, विकास वर्मा, रामसखी देवी और गंगेश गुप्ता की नागाडीह के लोगों ने बच्चा चोर बताकर लाठी-ठंडे से पीटकर हत्या कर दी थी. घटना के समय बागबेड़ा पुलिस मौजूद थी. पुलिस के सामने ही चारों की हत्या कर दी गयी.
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