पोटका : स्कूल के विलय से आक्रोशित ग्रामीणों ने सात शिक्षकों को बनाया बंधक, आश्वासन पर छोड़ा
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
पोटका : पोटका प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हेंसलबिल का विलय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, जाहातू करने तथा प्राथमिक विद्यालय, सेरेंगडीह का मर्ज प्राथमिक विद्यालय, बोराकोटा में करने से अाक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को जमकर बवाल काटा. आक्रोशित ग्रामीणों ने हेंसबिल मध्य विद्यालय में छह शिक्षकों को ढाई घंटे तक बनाये रखा. वहीं सेरेंगडीह मध्य […]
विज्ञापन
पोटका : पोटका प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हेंसलबिल का विलय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, जाहातू करने तथा प्राथमिक विद्यालय, सेरेंगडीह का मर्ज प्राथमिक विद्यालय, बोराकोटा में करने से अाक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को जमकर बवाल काटा. आक्रोशित ग्रामीणों ने हेंसबिल मध्य विद्यालय में छह शिक्षकों को ढाई घंटे तक बनाये रखा.
वहीं सेरेंगडीह मध्य विद्यालय में प्रदर्शनकारियों ने तीन शिक्षकों को बंधक बनाकर रखा था. बाद में समझाने आये तीन अन्य शिक्षकों को भी ग्रामीणों ने आठ घंटे तक बंधक बनाये रखा. तत्काल स्कूल का विलय नहीं करने के आश्वासन पर हेंसलबिल के ग्रामीणों ने बंधक बने पांचों शिक्षकों को साढ़े ग्यारह बजे बंधन मुक्त किया. जबकि, सेरेंगडीह मध्य विद्यालय में बंधक बने शिक्षकों व कर्मियों प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से वार्ता कर आठ घंटे बाद स्कूल से बाहर निकलने दिया.
विलय का फैसला सरकार का है : पोटका वन क्षेत्र के बीईईओ मुरारी शाही ने कहा कि विलय करने का निर्णय सरकार के नीति आयोग का है. ग्रामीणों की मांग विभाग को भेजी जा रही है. ग्रामीणों से अपील है कि वे आक्रोशित न हो.
सुरक्षा उपलब्ध कराये प्रशासन: संघ
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष अरूण कुमार ने कहा कि विद्यालय विलय को लेकर पोटका में शिक्षकों को बंधक बनाये जाने की तीन दिन में तीन घटनाएं हो चुकी हैं. इससे शिक्षक समाज में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गयी है. प्रशासन शिक्षकों को सुरक्षा उपलब्ध कराये. संघ इसे लेकर डीसी से भी मिलेगा.
शिक्षकों को कमरे में बंद कर बाहर से जड़ दिया था ताला
आक्रोशित ग्रामीण हेंसलबिल मध्य विद्यालय में सुबह नौ बजे पहुंच गये थे. स्कूल पहुंचते ही शिक्षकों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक राजकुमार गुप्ता समेत शिक्षक सुशांत नायक, दिनेश सरदार, उत्पल मंडल, भादो मार्डी एवं आदित्य दास को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया. ग्रामीण वार्ता के लिए बीईईओ को स्कूल बुलाने की मांग करने लगे.
इसकी सूचना मिलने पर पोटका थाना प्रभारी अरविंद यादव एवं बीपीओ विशेश्वर नंदी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की. स्कूल का विलय तत्काल नहीं करने के आश्वासन पर बंधक बनाये गये सभी शिक्षकों को ग्रामीणों ने साढ़े ग्यारह बजे बंधन मुक्त कर दिया. इस दौरान मुखिया सावित्री हांसदा, चंद्रशेखर गुप्ता, कृष्णा मोदक, घनीराम सोरेन, महेश्वर हांसदा, मेघराई सोरेन आदि मौजूद थे. ग्रामीणों का कहना था कि छह से कक्षा आठ तक का विलय जाहातू स्कूल में कर दिया गया है. 30 बच्चों को टीसी भी थमा दी गयी है. प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कही.
समझाने आये कर्मियों को भी ग्रामीणों ने बनाया बंधक
उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सेरेंगडीह के विलय का विरोध करने सैकड़ों की संख्या में सुबह आठ बजे ग्रामीण स्कूल पहुंच गये थे. यहां पहुंचते ही ग्रामीणों ने स्कूल में मौजूद प्रधानाध्यापक रुपाली गोप एवं सहायक शिक्षक रूप कुमार सी को बंधक बना लिया. इसकी सूचना मिलने पर बीईईओ मुरारी शाही ने ग्रामीणों को समझाने के लिये विभाग के तीन कर्मी रवींद्र सरदार, विष्णु पदो गोप एवं मृत्युंजय गोप को मौके पर भेजा. तीनों कर्मियों द्वारा समझाने के क्रम में ग्रामीण उत्तेजित हो गये और इन लोगों को भी बंधक बना लिया.
इसकी सूचना मिलते ही पोटका थाना पुलिस दल-बल के साथ थाना पहुंची. लंबी वार्ता के बाद दोपहर तीन बजे ग्रामीणों ने बंधक बनाये गये शिक्षकों और कर्मियों को अपने बंधन से मुक्त किया. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल विलय के बाद बच्चों को डेढ़ किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










