मत्स्य पालन से स्वरोजगार को बढ़ावा, नालंदा में बेरोजगारी दूर करने की पहल, सरकार दे रही तालाब निर्माण के लिए विशेष सहायता
प्रतीकात्मक तस्वीर
Bihar Sharif News : नालंदा में तालाब निर्माण पर अनुदान, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल. नीचे पढ़िए पूरी खबर.
बिहारशरीफ से विवेकानंद की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : अनुसूचित जाति और अति पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवाओं के लिए मत्स्य पालन स्वरोजगार का सुनहरा मौका बन रहा है. सरकार मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी योजना के तहत तालाब निर्माण और ट्यूबवेल पर भारी अनुदान दे रही है. चालू वित्तीय वर्ष में नालंदा जिले के लिए अति पिछड़ा वर्ग को 8 यूनिट और अनुसूचित जाति वर्ग को 8 यूनिट यानी कुल 16 यूनिट तालाब निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत 0.4 एकड़ जल क्षेत्र में तालाब निर्माण के लिए विशेष सहायता दी जाएगी.
5.72 लाख की लागत वाले तालाब पर सरकारी अनुदान
एक यूनिट तालाब की कुल लागत 5 लाख 72 हजार रुपये तय की गई है. इस राशि में तालाब की खुदाई, ट्यूबवेल, एरिएटर मशीन, शेड निर्माण और मछली बीज-चारा जैसी इनपुट सामग्री शामिल है. लाभुकों को सरकार की ओर से अनुदानित दर पर राशि मिलेगी. इसके अलावा ट्यूबवेल विशेष सहायता योजना भी शुरू की गई है. मत्स्य पालकों को 7 ट्यूबवेल अनुदानित दर पर दिए जाएंगे.
मछली पालन से हर साल लाखों की कमाई का अवसर
एक ट्यूबवेल की लागत 1 लाख 20 हजार रुपये है, जिस पर सरकार सब्सिडी देगी. जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु कुमार ने बताया कि इन योजनाओं का मकसद एसी-ओबीसी वर्ग के बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है. इच्छुक अभ्यर्थी जिला मत्स्य कार्यालय में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं. विभाग की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा. योजनाओं से जुड़कर युवा मछली पालन कर हर साल लाखों की आमदनी कर सकते हैं. सरकार का लक्ष्य है कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ नीली क्रांति को भी बढ़ावा मिले.
Also Read : नालंदा में दिनदहाड़े शिक्षक की बाइक चोरी, CCTV फुटेज के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










