आखिर मानवता जागी मां और बेटी रांची रेफर

Updated:
विज्ञापन

खबर छपने के बाद परिजन आये सामने बर्मामाइंस में रहते हैं 30 साल पहले हो चुका है तलाक, दो बेटियों में एक की हो चुकी है शादी जमशेदपुर : बर्मामाइंस में दो साल से बेटी को कमरे में बंद रखने का मामला सामने आने के बाद भी प्रशासन या पुलिस की संवेदना नहीं जगी. मानवीय […]

विज्ञापन

खबर छपने के बाद परिजन आये सामने बर्मामाइंस में रहते हैं

30 साल पहले हो चुका है तलाक, दो बेटियों में एक की हो चुकी है शादी
जमशेदपुर : बर्मामाइंस में दो साल से बेटी को कमरे में बंद रखने का मामला सामने आने के बाद भी प्रशासन या पुलिस की संवेदना नहीं जगी. मानवीय संवेदनों को झकझोरने वाली इस घटना पर सभी मौन हैं. लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग से सामाजिक कार्यकर्ता मीरा शर्मा मां-बेटी को ऑटो से लेकर शुक्रवार को एमजीएम अस्पताल पहुंचीं. अस्पताल में मनोचिकित्सक डॉ दीपक गिरी ने उनकी जांच की. मां और बेटी की जांच के बाद डॉ गिरी ने जरूरी दवा देते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के मानसिक आरोग्यशाला रेफर कर दिया है.
इसी बीच महिला और बच्ची के परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंचे. लेकिन रांची ले जाने की कोई व्यवस्था न तो परिवार के पास थी और न ही प्रशासन. अब सामाजिक कार्यकर्ता ही एंबुलेंस, गाड़ी और स्थानीय लोगों के सहयाेग से उन्हें रांची ले जाने की कोशिश कर रही है.
मां के चक्कर में बेटी का यह हाल : परिजन. अखबार में खबर छपने के बाद मां और उसकी बेटी से मिलने भाभी और भतीजा एमजीएम अस्पताल पहुंचा. अस्पताल में भतीजे ने बताया कि महिला के पति शहर में रहते थे.
उनका लगभग 30 साल पूर्व तलाक हो गया था. उनकी दो बेटियां हैं. एक की बारीडीह में शादी हो चुकी है. लगभग दो साल मां अचानक पागलों जैसी हरकत करने लगी और घर छोड़कर निकल गयी. वह बेटी को भी साथ ले गयी. इसके बाद मां, बेटी को कहीं छोड़कर कभी-कभी खाना लेने घर आती थी. भाभी और भतीजे ने बताया कि बेटी पढ़ने में काफी अच्छी थी. हमेशा क्लास में फर्स्ट आती थी. फर्राटेदार इंग्लिश बोलती थी, लेकिन मां के साथ रहकर वह ऐसी हो गयी. वह लोग चाहते है उनका इलाज हो जाये, तो उसे साथ लेकर चले जायेंगे.
डॉक्टरों के सवालों का परिजनों ने दिया गोलमोल जवाब
मां-बेटी के इलाज के क्रम में डॉ दीपक गिरी ने उनके भाभी और भतीजे से भी बातचीत की. भाभी और भतीजे से डॉक्टर ने पूछा कि आखिर ऐसी क्या बात है कि आपको देखकर दोनों गुस्सा हो जा रही हैं. उन दोनों के साथ क्या हुआ था. इस पर भाभी व भतीजे गोलमोल जवाब देते रहे. भाभी व भतीजे से पूछा गया कि जब मां अपने मर्जी से घर छोड़कर निकल गयी, तो जवान बेटी को कैसे अकेले छोड़ दिया गया? जवाब में दोनों ने कहा कि मां खुद से बेटी को अलग नहीं होने देती थी, हम कुछ करने की स्थिति में नहीं थे. डॉक्टर ने पूछा कि क्या कोई हादसा या घटना हुई थी? तो दोनों ने इससे साफ इनकार किया.
मां मानसिक तौर पर डरी हुई, बेटी होश में : डॉ गिरी
एमजीएम के मनोचिकित्सक डॉ दीपक गिरी ने बताया कि मां मानसिक तौर पर डरी है. बेटी पूरी तरह होशोहवास में है, लेकिन वह भी मानसिक बीमार हो चुकी है. उसके साथ क्या हुआ, यह जानना मुश्किल है. परिवार के लोग या वह स्वयं कुछ नहीं बता पा रही. वह डरी और सहमी है. इस स्थिति को साइकोसिस कहते है. उसके साथ क्या हादसा हुआ है, कहा नहीं जा सकता है, लेकिन उनका इलाज संभव है. इलाज बेहतर तरीके से हो, इसलिए उसे रांची कांके स्थित मानसिक आरोग्यशाला भेज रहे है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola