बिहार का मोस्ट वांटेड डब्ल्यू झा जमशेदपुर के बागबेड़ा से गिरफ्तार, हत्या के दो दर्जन मामलों में पुलिस को थी तलाश

Updated at : 18 Oct 2017 11:00 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार का मोस्ट वांटेड डब्ल्यू झा जमशेदपुर के बागबेड़ा से गिरफ्तार, हत्या के दो दर्जन मामलों में पुलिस को थी तलाश

जमशेदपुर : बिहार का मोस्ट वांटेड तथा 50 हजार का इनामी अपराधी डब्ल्यू झा को बिहार एसटीएफ ने सोमवार देर रात बागबेड़ा से गिरफ्तार कर लिया. समस्तीपुर के डब्ल्यू झा पर हत्या व रंगदारी के दर्जनों मामले दर्ज है. उसे बागबेड़ा पुलिस की मदद से लंगड़ाटेकरी स्थित एक घर में धर दबोचा गया. बिहार से […]

विज्ञापन
जमशेदपुर : बिहार का मोस्ट वांटेड तथा 50 हजार का इनामी अपराधी डब्ल्यू झा को बिहार एसटीएफ ने सोमवार देर रात बागबेड़ा से गिरफ्तार कर लिया. समस्तीपुर के डब्ल्यू झा पर हत्या व रंगदारी के दर्जनों मामले दर्ज है. उसे बागबेड़ा पुलिस की मदद से लंगड़ाटेकरी स्थित एक घर में धर दबोचा गया. बिहार से उसके मोबाइल फोन के लोकेशन के आधार पर पीछा करते हुए पुलिस बागबेड़ा पहुंची. डब्ल्यू झा बागबेड़ा के लंगड़ाटेकरी में शिव कुमार राय के घर में रुका हुआ था. पुलिस की टीम उसे पकड़कर समस्तीपुर ले गयी है .डब्ल्यू झा की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए एसएसपी अनूप टी मैथ्यू ने बताया कि उसपर 50 हजार का इनाम घोषित है.
दो दर्जन हत्याओं में थी पुलिस को तलाश : शातिर डब्ल्यू झा की समस्तीपुर के अलावा सीमावर्ती बेगूसराय जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में करीब दो दर्जन हत्याओं में पुलिस को लंबे अरसे से तलाश थी. पहली बार डब्ल्यू झा का नाम राजद जिला उपाध्यक्ष अखिलेश राय की हत्या में अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में चर्चा में आया था. इसके बाद रुपौली के एक शिक्षक, दुग्ध व्यवसायी प्रमोद राय, फतेहा के अरविंद चौधरी, जगजीत झा की हत्या में इसके हाथ होने की बात पुलिस फाइलों में दर्ज है. भाजपा नेता पूर्व पार्षद वीरेंद्र झा उर्फ फन्नू झा की हत्या के अलावा उनके पुत्र की इस वर्ष पटना में हुई हत्या में भी डब्ल्यू झा का नाम जोर शोर से सामने आया था.
डेढ़ दशक के आपराधिक जीवन में दूसरी बार चढ़ा पुलिस के हत्थे :अपराधी डब्ल्यू झा अपने डेढ़ दशक के आपराधिक जीवन में दूसरी बार पुलिस की गिरफ्त में आया है. जानकारी के मुताबिक पहली बार गिरफ्तारी के बाद वह 2002 में जेल से बाहर आया था. जेल से निकलने के बाद उसने रोसड़ा में टेंडर मैनेज करने वाला ग्रुप ज्वाइन कर लिया. 2009 में कुंदन सिंह के समर्पण के बाद डब्ल्यू की की महत्वाकांक्षा उड़ान भरने लगी. अब वह अपने पुराने ग्रुप को छोड़ कर पप्पू चौधरी के साथ मिल गया और ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा. वह पुलिस के लिये चुनौती बन गया था. कुछ माह पूर्व झारखंड में हुए एक हाई प्रोफाइल हत्या में भी शक की सुई उसकी ओर घूमी थी. उसके बाद से ही डब्ल्यू और पप्पू एसटीएफ के टारगेट में सबसे ऊपर थे.
16 अक्तूबर की शाम को पहुंचा था शहर : पुलिस के मुताबिक डब्ल्यू झा 16 अक्तूबर की शाम चार बजे बागबेड़ा पहुंचा था. शिव कुमार राय के ड्राइवर से डब्ल्यू झा का पुराना परिचय था. चालक ने शिव कुमार राय से डब्ल्यू झा का परिचय एक व्यापारी के रूप में कराया था. चालक ने बताया था कि डब्ल्यू झा उनकी गाड़ी खरीदने आया है. वह रात में होटल में जाकर ठहरने वाला था, लेकिन मानवता के नाते शिव कुमार राय ने उसे घर में सोने की अनुमति दे दी. इधर, शिव कुमार राय का चालक गाड़ी लोड करने के लिए चला गया. रात ढाई बजे के बाद बिहार की पुलिस टीम पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola