रांची साइंस सेंटर में बनेगा इनोवेशन हब, 2 मिनट के VIDEO में देख लें कैबिनेट का पूरा फैसला
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची: कैबिनेट ने रांची विज्ञान केंद्र (साइंस सिटी) में इनोवेशन हब बनाने का फैसला किया है. इस पर 1.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इनोवेशन हब बनाने का उद्देश्य विज्ञान को लोकप्रिय और रोचक बनाना है. रांची विज्ञान केंद्र में 1.80 करोड़ की लागत से बनाये जानेवाले इनोवेशन हब की कुल लागत का 50% केंद्र सरकार […]
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रांची: कैबिनेट ने रांची विज्ञान केंद्र (साइंस सिटी) में इनोवेशन हब बनाने का फैसला किया है. इस पर 1.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इनोवेशन हब बनाने का उद्देश्य विज्ञान को लोकप्रिय और रोचक बनाना है. रांची विज्ञान केंद्र में 1.80 करोड़ की लागत से बनाये जानेवाले इनोवेशन हब की कुल लागत का 50% केंद्र सरकार वहन करेगा.
आज कैबिनेट की बैठक में लिए गए अहम फैसले। #Jharkhand pic.twitter.com/RoGJmqUJ8Y
— Raghubar Das (@dasraghubar) October 17, 2017
शेष 50% राशि राज्य सरकार खर्च करेगी. कैबिनेट ने राज्यांश के रूप में 90 लाख के खर्च की स्वीकृति भी दी. साथ ही वित्तीय नियमावली को शिथिल करते हुए इनोवेशन हब बनाने का काम नॉमिनेशन के आधार पर नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम को देने का फैसला किया. कैबिनेट ने जल संसाधन विभाग के जलाशयों से विस्थापित होनेवाले लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए उनको मछली पालन से जोड़ने का निर्णय लिया.
इस योजना के तहत विस्थापितों की स्वयं सहायता समूहों या सहयोग समितियों को 100 रुपये प्रति हेक्टेयर (जल क्षेत्र) की दर से फीस लेकर जलाशय मछली पालने के लिए दिया जायेगा.
कैबिनेट ने पशुपालन घोटाले में सजायाफ्ता डॉक्टर हेमेंद्र कुमार सिंह को 26 दिसंबर 2007 की तिथि से बरखास्त करने का फैसला किया. सरकार ने बरखास्तगी का आदेश 31 जुलाई 2007 को जारी किया था. हाइकोर्ट के आदेश के आलोक में बरखास्त डॉक्टर को जुलाई से दिसंबर 2007 तक की अवधि का जीवन-यापन भत्ता दिया जायेगा.
जलापूर्ति योजनाओं के लिए तैयार मॉडल बिड डॉक्यूमेंट को आंशिक संशोधन के साथ कैबिनेट ने मंजूर किया. मध्याह्न भोजन योजना के तहत अब खाद्यान्न स्कूलों तक पहुंचाने का फैसला किया गया. पहले प्रखंड के गोदामों से स्कूलों तक माता समितियों द्वारा खाद्यान्न ढोकर ले जाया जाता था. कैबिनेट ने स्वर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना के लिए 75 करोड़ रुपये जेसीएफ से अग्रिम लेने की स्वीकृति दी. पंचायती राज क्षेत्र में बिल्डिंग बायलॉज को लागू करने की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की. इसके तहत पंचायती राज क्षेत्रों में पांच हजार वर्ग फुट से अधिक का पक्का मकान बनाने पर नक्शा पास कराना आवश्यक होगा.
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