सुवर्णरेखा की तेज धार में बह गये दो खिलाड़ी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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जमशेदपुर/चांडिल/आदित्यपुर: दोस्तों के साथ चांडिल के मानीकुई स्थित सुवर्णरेखा नदी में तीन जुलाई को नहाने गये डीबीएमएस के छात्र आंशिक बनर्जी (16) व बिष्टुपुर डीएवी के छात्र रजत कमल (17) की डूबने से मौत हो गयी. दोनों के शव मंगलवार को नदी से बरामद कर लिये गये. मामले में मृतकों के ही तीन दोस्तों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

हिरासत में लिये गये दोस्तों ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि दोनों दोस्तों के डूब जाने के बाद वे फंसने के डर से मृतकों के कपड़े व अन्य सामान ठिकाने लगाकर वहां से भाग गये थे. इधर आंशिक के परिजनों ने तीनों दोस्तों पर आंशिक की हत्या का आरोप लगाया है. सिदगोड़ा दस नंबर बस्ती सुखिया रोड निवासी आंशिक और आदित्यपुर एनआइटी प्रोफेसर कॉलोनी बी-28 का निवासी रजत अपने तीन दोस्तों अंकित कुमार (शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर 4), अभिनव शर्मा (डिमना रोड ग्रीन सिटी) और स्वर्णिम (एनआइटी कैंप) के साथ दो स्कूटी से मानिकुई गये थे. एक स्कूटी रजत और दूसरी अभिनव की थी. इसका खुलासा पुलिस ने तीनों दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद किया है. पहले तो तीनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन बाद में सच्चाई बता दी. पुलिस को मामले का उदभेदन करने में 24 घंटे लगे.
पुलिस ने मृतक रजत कमल की स्कूटी को आदित्यपुर टोलब्रिज के पास से बरामद कर ली है, लेकिन दोनों मृतकों के कपड़ों, जूतों, रजत के मोबाइल आदि की तलाश की जा रही है. हिरासत में लिए गये दोस्तों ने बताया है कि उन्होंने मृतकों के जूते मानीकुई पहाड़ पर तथा रजत का मोबाइल फोन, आंशिक के कपड़े, टोलब्रिज नदी में फेंक दिये गये हैं.
मामले की जांच कर रहे डीएसपी कैलाश करमाली, एसडीपीओ सरायकेला हिरासत में लिये गये स्वर्णिम और अभिनव को साथ लेकर घटना स्थल पर गये. दोनों अधिकारियों ने कई बिंदुओं पर छानबीन की. पुलिस मंगलवार को सुबह आठ बजे से मामले की जांच में जुटी थी.
रजत व आंशिक दोनों इकलौते बेटे थे
सिदगोड़ा निवासी आंशिक बनर्जी घर का इकलौता बेटा था. वह डीबीएमएस स्कूल से हॉकी का खिलाड़ी था. उसने स्कूल टीम से बिहार झारखंड की तरफ से नेशनल जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में भाग लिया था. वह गोल्ड मेडल जीत चुका था. अांशिक की फुटबॉल में भी रुचि थी. दूसरी तरफ आदित्युपर एनआइटी कैंप में रहने वाला रजत कमल भी कामता प्रसाद सिंह का इकलौता बेटा था. उसे क्रिकेट खेलने का बचपन से काफी शौक था. वह रोज क्रिकेट खेलने के लिए आदित्यपुर क्रिकेट एकेडमी जाता था. उसके निधन की खबर सुनकर पूरी कॉलोनी में शोक की लहर दौड़ गयी. दोनों के घर शुभचिंतकों का जमावड़ा लगा रहा.
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