सिर्फ 15 शिक्षकों पर 29 हजार कॉपियां जांचने का बोझ, जल्दी कैसे निकलेगा इंटर का रिजल्ट

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कॉपियां जांच करते हुए शिक्षक (एआई जेनरेटेड इमेज )

Jharkhand News: झारखंड में इंटर परीक्षा के बाद कॉपियों की जांच चल रही है, लेकिन पॉलिटिकल साइंस में शिक्षकों की कमी समस्या बन गई है. पॉलिटिकल साइंस की 29 हजार कॉपियों के लिए केवल 15 परीक्षक होने से जांच धीमी है. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य है.

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रांची से सुनील कुमार झा की रिपोर्ट 

Jharkhand News: झारखंड में इस वर्ष यानी 2026 की मैट्रिक व इंटर की परीक्षा फरवरी माह में ही समाप्त हो गयी थी. रिजल्ट भी पहले वर्षों की तुलना में एक से डेढ़ माह पहले जारी करने की योजना बनाई गई है. इसी दिशा में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 10 मार्च से शुरू भी कर दिया गया, लेकिन कई विषयों में शिक्षकों की कमी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है. सबसे ज्यादा परेशानी इंटरमीडिएट में पॉलिटिकल साइंस (राजनीति विज्ञान) विषय में देखने को मिल रही है. 

29 हजार कॉपियां के लिए केवल 15 परीक्षक

रांची के दो मूल्यांकन केंद्रों पर राजनीति विज्ञान की लगभग 29 हजार कॉपियां जांच हो रही है, जिन्हें जांचने के लिए केवल 18 परीक्षक हैं.  इनमें से तीन प्रधान परीक्षक हैं, जो कॉपियों की जांच नहीं करते हैं. इस तरह 29 हजार कॉपियों के लिए केवल 15 परीक्षक ही उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं. एक परीक्षक एक दिन में 40 कॉपियों की जांच करता है, ऐसे में इन परीक्षक सभी कॉपियों के मूल्यांकन में लगभग एक महीना और लगेगा. इसका मतलब यह हुआ कि कॉपियों मूल्यांकन कार्य अप्रैल के अंत तक ही पूरा हो पाएगा, जबकि अप्रैल महीने तक रिजल्ट जारी करने की बात कही गई है. 

अब तक 7 हजार कॉपियों की जांच

पॉलिटिकल साइंस की 29 हजार कॉपियों में से अब तक लगभग सात हजार कॉपियों की ही जांच हुई है. इनमें मारवाड़ी प्लस टू विद्यालय में लगभग 16 हजार और संत अन्ना इंटर कॉलेज में लगभग 13 हजार कॉपियां है. समाज शास्त्र विषय की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए भी आवश्यकतानुसार शिक्षक नहीं हैं.  

शिक्षकों की कमी की वजह 

इस समस्या के पीछे मुख्य कारण झारखंड में प्लस टू के पॉलिटिकल साइंस के शिक्षकों की कमी है. इंटर स्तर पर इस विषय को पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग एक लाख है, लेकिन प्लस टू विद्यालयों में इस विषय के पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं. ऐसे में सिर्फ इंटर कॉलेज के शिक्षक ही उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन कर रहे हैं, इस कारण शिक्षक की कमी है. 

प्लस टू स्कूलों में चल रही नियुक्ति से मिलेगी राहत

झारखंड राज्य के प्लस टू विद्यालयों में पॉलिटिकल साइंस विषय में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. इस वर्ष (2026) में शिक्षकों की नियुक्ति हो जाएगी, जिससे अगले वर्ष से शिक्षकों की कमी दूर हो जायेगी.

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प्रिया गुप्ता

लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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