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विभावि ने लॉ कॉलेज की फीस बढ़ायी, छात्रों ने किया विरोध

Updated at : 27 Jan 2026 11:36 PM (IST)
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विभावि ने लॉ कॉलेज की फीस बढ़ायी, छात्रों ने किया विरोध

एलएलबी व एलएलएम कोर्स की फीस बढ़ी

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हजारीबाग. विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग द्वारा सत्र 2025 के लिए लॉ कॉलेज की फीस में की गयी भारी बढ़ोतरी का छात्रों ने विरोध किया है. छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक फीस बढ़ा दी, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और छात्रों के साथ अन्याय है. एनयूएसआइ ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन 10 अक्तूबर 2025 की एक अधिसूचना का हवाला दे रहा है, लेकिन यह अधिसूचना अब तक न तो विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की गयी है और न ही छात्रों को इसकी जानकारी समय पर दी गयी. छात्रों का कहना है कि जैसे ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई, उसी दिन बढ़ी हुई फीस की जानकारी दी गयी. फीस बढ़ोतरी के अनुसार एलएलबी (तीन वर्षीय) कोर्स की फीस 18,040 से बढ़ाकर 29,090 कर दी गयी है. वहीं बीए एलएलबी (पांच वर्षीय) कोर्स की फीस 15,040 से बढ़कर 28,040 रुपये और एलएलएम (दो वर्षीय) की फीस 20,640 से बढ़ाकर 32,540 रुपये की गयी है. एनएसयूआइ छात्र नेता अभिषेक राज ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में, जहां अधिकतर विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं, यह फैसला उनके भविष्य के साथ अन्याय है. छात्रों ने फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की है.

बीसीआइ ने विधि महाविद्यालयों पर वित्तीय बोझ बढ़ाया

यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ रश्मि प्रधान ने कहा कि यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज सेल्फ फाइनेंस कोर्स है. कॉलेज स्थापना के समय इन कोर्स की फीस 21 हजार थी. बार काउंसिल मैंडेट के अनुसार लॉ कॉलेज में काफी आधारभूत संरचना की कमी है. कॉलेज में मात्र चार शिक्षक हैं, जबकि बीसीआइ के नियम के अनुसार कॉलेज में 15 शिक्षकों की आवश्यकता है. शिक्षकों को वेतन का भुगतान यूजीसी पे स्केल के आधार पर करना है. उन्होंने बताया कि बीसीआइ ने विधि महाविद्यालयों पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है. एफिलिएशन कम इंस्पेक्शन फीस प्रति कोर्स दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी गयी है, जो हर सत्र देनी होती है. साथ ही गारंटी मनी एक लाख से तीन लाख कर दी गयी है. शर्तें पूरी कर शपथपत्र देना अनिवार्य है, अन्यथा एफिलिएशन खतरे में पड़ सकता है.

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SUNIL PRASAD

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By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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