जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित बच्ची का इलाज
Published by : SUNIL PRASAD Updated At : 26 Aug 2025 11:22 PM
माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने भेजा पत्र, हजारीबाग व चतरा जिला प्रशासन अलर्ट
हजारीबाग. जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित एक 12 वर्षीय बच्ची का इलाज इन दिनों हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल में चल रहा है. बच्ची चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड की रहने वाली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब (रिम्स) ने हजारीबाग सिविल सर्जन और चतरा के वेक्टर बॉर्न डिजीज पदाधिकारी को पत्र भेजकर स्थिति की जानकारी दी है. साथ ही, संभावित संक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है. बीमारी के कारण और लक्षण : डॉ हीरालाल ने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस मच्छरों के जरिये फैलने वाला एक वायरल संक्रमण है, जो मस्तिष्क को प्रभावित करता है. यह बीमारी आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखी जाती है, जहां धान की खेती और सूअर पालन होता है. मुख्य लक्षण : मलेरिया डिपार्टमेंट के टेक्नीशियन मैमूर सुल्तान ने बताया कि इस बीमारी से पीड़ित बच्चों को तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, मानसिक भ्रम, बेहोशी तक की स्थिति हो सकती है. यदि समय पर इलाज न हो, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है. कैसे करें बचाव : उन्होंने बताया कि मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें, घर व आसपास पानी जमा न होने दें. बच्चों को जापानी इंसेफेलाइटिस का टीका दिलायें. पशुओं से दूरी बनाकर रखें. विशेषकर सूअर पालने वालों को सतर्क रहने की आवश्यकता है.
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