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स्वीमिंग चैंपियनशिप में 16 गोल्ड व सिल्वर जीतनेवाले गौरव का सपना आज भी क्यों है अधूरा, पढ़िए ये रिपोर्ट

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
गोल्ड व सिल्वर मेडल के साथ गौरव कुमार राणा
गोल्ड व सिल्वर मेडल के साथ गौरव कुमार राणा
प्रभात खबर

हजारीबाग (जमालउद्दीन) : हजारीबाग के गौरव कुमार राणा झारखंड में 16 गोल्ड व सिल्वर मेडल स्वीमिंग चैंपियनशिप में जीत चुके हैं. 2011 से 2019 तक झारखंड तैराकी संघ द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में गौरव ने यह सफलता हासिल की है. हजारीबाग के तालाब व झील में स्वीमिंग कर राज्य स्तरीय चैंपियनशिप जीतने वाले गौरव पिछले 10 वर्षों में लगातार नेशनल गेम में भाग ले रहे हैं. इसके बाद भी इनका सपना आज भी अधूरा है.

हजारीबाग में स्वीमिंग पुल बनाने को लेकर डीसी से लेकर खेल मंत्री तक फरियाद लगायी, लेकिन 15 वर्षों से लंबित 25 मीटर छह लेन स्वीमिंग पुल मौलाना आजाद इंडोर स्टेडियम परिसर में अभी भी लंबित है. इस कार्य को पूरा कराने की जवाबदेही एनटीपीसी के साथ एएमयू की गयी, लेकिन पूरा नहीं होने से इस युवा खिलाड़ी का सपना अधूरा है. नेशनल एशियाड व ओलिंपिक तक पहुंचने में यह बड़ी बाधा बनी हुई है. स्वीमिंग के क्षेत्र में कैरियर बनाने का उसका सपना आज भी अधूरा है.

34वें नेशनल गेम 2011 झारखंड एवं 35वें नेशनल गेम, केरल में भाग लिया. फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 55वां सीनियर एक्वेटीक चैंपियनशिप रांची 2011, 39वां जूनियर एक्वेटीक चैंपियनशिप चेन्नई 2012, 68वां सीनियर नेशनल एक्वेटीक चैंपियनशिप कोलकाता 2014, 42वां जूनियर नेशनल एक्वेटीक चैंपियनशिप पुणे 2015 मिला कर आठ बार नेशनल स्वीमिंग चैंपियनशिप में भाग लिया. झारखंड ओलिंपिक एसोसिएशन द्वारा आयोजित 2013-2019 के बीच 16 गोल्ड व सिल्वर मेडल जीते.

हजारीबाग झील रोड नूरा के रहनेवाले हैं गौरव कुमार राणा. पिता का नाम महादेव राणा, माता सावित्री देवी व चार भाई परिवार में हैं. गौरव ने मैट्रिक की पढ़ाई श्रीकृष्ण आरक्षी विद्यालय हजारीबाग से की है. इंटर व स्नातक की पढ़ाई संत कोलंबा कॉलेज हजारीबाग से की है. स्वीमिंग कोचिंग की पढ़ाई केइइटी भुवनेश्वर विश्वविद्यालय से शोड एनआइएस कोर्स किया है.

स्वीमिंग में नेशनल खिलाड़ी हजारीबाग जिले के गौरव कुमार राणा का कहना है कि स्वीमिंग पुल नहीं रहने से युवा खिलाड़ियों का कैरियर नहीं बन पा रहा है. खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते हैं. हजारीबाग झील में अभ्यास करना पड़ता है. अगर स्वीमिंग पुल होता, तो बेहतर अभ्यास होता. नेशनल एशियाड व ओलिंपिक तक पहुंचते. गौरव का कहना है कि हम झारखंड स्टेट में गोल्ड मेडलिस्ट बने. हजारीबाग जिला प्रशासन व राज्य सरकार से कोई प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है. झारखंड सरकार के कई खेल मंत्री, खेल सचिव व डीसी से मिले हैं. सभी लोगों ने सिर्फ आश्वासन दिया है. गौरव कुमार का कहना है कि हमने जो उपलब्धियां हासिल की है, उसके अनुसार हमें नौकरी मिले. हमें कोच बनाया जाये. खेल मैदान से जुड़े रहे और युवा पीढ़ी को स्वीमिंग सिखायें. झील में स्कूल, कॉलेज के बच्चों को मैं अपने प्रयास से प्रशिक्षण देता हूं. जो स्कूल, कॉलेज व विवि स्तर पर मेडल प्राप्त कर रहे हैं.

तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने डीवीसी चौक मौलाना अब्दुल कलाम आजाद इंडोर स्टेडियम परिसर में 25 मीटर छह लेन का स्वीमिंग पुल बनवाया था, लेकिन यह स्वीमिंग पुल पिछले 15 वर्षों से अधूरा पड़ा है. हजारीबाग स्वीमिंग एसोसिएशन की ओर से सभी डीसी को कई बार अनुरोध किया गया. पिछले दिनों इस इंडोर स्टेडियम को एनटीपीसी पंकरी बरवाडीह के साथ एएमयू कर के दिया गया. एनटीपीसी से एकरारनामा किया गया कि स्वीमिंग पुल को तुरंत बनवा दें. तत्कालीन डीसी रविशंकर शुक्ला के स्थानांतरित होने के बाद यह मामला अभी तक लंबित है. स्वीमिंग पुल बन जाने से हजारीबाग के खिलाड़ियों को अभ्यास का अवसर मिलता. हजारीबाग जिले की लड़कियां स्वीमिंग नहीं कर पा रही हैं.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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