आत्मा की शुद्धि के लिए मनाया गया उत्तम तप धर्म

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आत्मा की शुद्धि के लिए मनाया गया उत्तम तप धर्म

जैन दर्शन के दस लक्षण पर्व के अंतर्गत उत्तम तप, धर्म व आत्मा की शुद्धि के लिए किया जाने वाला एक परम तप है

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हजारीबाग. जैन दर्शन के दस लक्षण पर्व के अंतर्गत उत्तम तप, धर्म व आत्मा की शुद्धि के लिए किया जाने वाला एक परम तप है. इसमें इच्छाओं का निरोध, शरीर, वाणी और मन का अनुशासन तथा कर्मों को नाश करने का प्रयास शामिल होता है. यह आंतरिक तप पर केंद्रित है जो सच्ची श्रद्धा और अहिंसा के साथ किया जाता है. ब्रह्मचारिणी बहन संपदा दीदी ने बताया कि तप शब्द आत्मा के शत्रुओं पर विजय पाना है. तप में नैतिक गुणों का विकास भी शामिल है. जिसके लिए आत्म संयम और अनुशासन की आवश्यकता होती है. जैसे धैर्य और सहनशीलता इसे आध्यात्मिक विकास का एक महत्वपूर्ण घटक माना जाता है जिसमें दोषों की पहचान और सद्गुणों के विकास के लिए विभिन्न प्रकार के अभ्यास शामिल हैं. तप की महिमा अपार है. तपस्या से मनुष्य तेजस्वी होता है, बलवान होता है. हीरो मोटोकॉर्प शोरूम का उदघाटन इचाक. प्रखंड के परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के सामने हीरो मोटोकॉर्प का नया शोरूम का उदघाटन जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता और वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता ने किया. जिप अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता ने कहा कि इचाक में हीरो मोटोकॉर्प का नया शोरूम का खुलना प्रखंड वासियों के लिए गर्व की बात है.अब ग्राहकों को मनपसंद बाइक या स्कूटी खरीदने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता ने कहा कि इचाक मे हीरो का शोरूम खुलने से क्षेत्र का विकास हुआ है.

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Vikash Nath

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