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हजारीबाग के हजारों सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, हेमंत सोरेन के निर्देश पर डीसी ने किया ये काम

Updated at : 02 Mar 2025 4:26 PM (IST)
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ओल्ड पेंशन स्कीम.

Old Pension Scheme News: हेमंत सोरेन सरकार के निर्देश पर हजारीबाग जिले के हजारों रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) से जोड़ा जा चुका है. कैसे हुआ यह काम, यहां पढ़ें.

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Old Pension Scheme News: हजारीबाग जिले के हजारों सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो गयी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर जिले की उपायुक्त के नेतृत्व में जिला पेंशन एवं लेखा निदेशालय और जिला कोषागार कार्यालय ने 2 महीने में नयी पेंशन योजना में नियुक्त हजारों कर्मचारियों का भविष्य निधि लेखा संख्या का आवंटन कर दिया है. इसका लाभ उन रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा, जो 1 सितंबर 2022 से पहले सेवानिवृत्त हुए, लेकिन एनपीएस का भुगतान नहीं हुआ. अब ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है.

सरकार का उद्देश्य- कोई रिटायर्ड कर्मचारी ओपीएस से वंचित न रहे

हेमंत सोरेन सरकार ने झारखंड के विकास और सरकारी कामकाज में लंबी अवधि तक तक सेवा देने वाले कर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक रूप से सबल बनाये रखने के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को फिर से बहाल करने का फैसला किया था. मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि नयी पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत नियुक्त कोई भी सरकारी कर्मी पुरानी पेंशन योजना से वंचित न रहे.

Old Pension Scheme के तहत भुगतान की प्रक्रिया पूरी

हजारीबाग की उपायुक्त नैंसी सहाय ने बताया है कि वित्त विभाग की संकल्प संख्या 141- दिनांक 1 सितंबर 2023 के तहत 1 सितंबर 2022 से पहले रिटायर हुए वैसे कर्मियों, जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद नयी पेंशन योजना (एनपीएस) की राशि का भुगतान नहीं हुआ है, के लिए एनपीएस खाते में जमा राशि में से सरकार के अंशदान एवं लाभांश की राशि का भुगतान सरकार के खजाने में जमा कराकर उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करेंगे.

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संविदा पर नियुक्त नियमित कर्मचारियों को भी ओपीएस का लाभ

उपायुक्त ने कहा कि इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. इस श्रेणी में वैसे कर्मी शामिल थे, जो दैनिक वेतनभोगी/ संविदा पर नियुक्त हुए थे और जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नियमित किया गया था. 1.09.2022 के पूर्व सेवानिवृत वैसे कर्मी, जिन्हें न्यू पेंशन स्कीम के तहत जमा राशि का भुगतान हो चुका है और वे पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने के इच्छुक हैं, से न्यू पेंशन योजना से प्राप्त राशि चालान के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा कराकर उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया गया.

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उपायुक्त के प्रयासों का मिला सकारात्मक परिणाम

उपायुक्त नैंसी सहाय के निर्देश पर जिला कोषागार पदाधिकारी सह पेंशन एवं लेखा पदाधिकारी उज्जवल कुमार चौरसिया ने हजारीबाग जिला मुख्यालय से रिटायर हुए 48 कर्मियों के साथ-साथ वैसे कर्मी, जो सेवानिवृत्ति के बाद अपने-अपने घर चले गए थे तथा कार्यालय के पास उनके वर्तमान आवासीय पता एवं मोबाइल नंबर भी नहीं था, से संपर्क किया गया. उन्हें कार्यालय बुलाकर एनपीएस में जमा सरकारी अंशदान एवं लाभांश की राशि चालान के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा कराया गया और पेंशन प्रपत्र को भरकर महालेखागार कार्यालय भेज दिया गया.

दिव्यांग पेंशनर को घर पर मिलती है पेंशन

इतना ही नहीं, वैसे छूटे हुए सेवानिवृत कर्मी, जो किसी कारण से अभी तक पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं ले पाये हैं, को भी सरकार की इस पहल का लाभ पहुंचाने के प्रयास जारी हैं. पेंशन कार्यालय सेवानिवृत दिव्यांग पेंशनर्स को पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महालेखाकार द्वारा उपलब्ध कराये गये प्राधिकार पत्र के आधार पर उनके घर जाकर पेंशन की राशि दी जा रही है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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