संस्कृति को संजोये रखने की जरूरत : बाबूलाल हेंब्रम

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संस्कृति को संजोये रखने की जरूरत : बाबूलाल हेंब्रम

बेला चरकुटवा चडरी चट्टानी में दिशोम सोहराय पर्व मना

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चरही. चुरचू प्रखंड के आंगो पंचायत के बेला चरकुटवा चडरी चट्टानी में सोमवार को दिशोम सोहराय पर्व मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लोबिन मुर्मू, रोयल हांसदा, बाबूलाल हेंब्रोम ने संयुक्त रूप से किया. अध्यक्षता भारत जगत मांझी परगना महल के जिला सचिव बाबूलाल हेंब्रम ने की. मेले में विभिन्न प्रखंडों से लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल, मांदर, नगाड़ा, शहनाई, बांसुरी के साथ पहुंचे. विभिन्न समूहों ने नाच-गान प्रस्तुत किया. बोकारो जिला के ललपनिया के प्रतिभागी ने एक से बढ़कर एक गीत-संगीत प्रस्तुत किये. इस दौरान लोबिन मुर्मू ने कहा कि आधुनिक गीत-संगीत के बावजूद आज भी संथाल समाज अपनी रीति-रिवाज, परंपरा, धर्म संस्कृति को बरकरार रखने का काम कर रहा है. इसे बचाये रखने की जरूरत है. बाबूलाल हेंब्रम ने कहा कि संथाल आदिवासी की संस्कृति को बरकरार रखने के लिए समाज के युवाओं को आगे आने की जरूरत है. कार्यक्रम में चुरचू, दारू, सदर, टाटीझरिया, विष्णुगढ़, मांडू, डाड़ी, रामगढ़, गोमिया, चंद्रपुरा, बोकारो जिला से समाज के लोग पहुंचे थे. आयोजन को सफल बनाने में हरिलाल सोरेन, लालजी हेंब्रम, रतिलाल मरांडी, रति हांसदा, जगदेव मुर्मू, जीतू मरांडी, राजेश किस्कू, शीतल हेंब्रम, कैलू मांझी, सुखदेव क़िस्कू, दिनेश मुर्मू, मोहन हेंब्रम, सुनील टुडू, सुमित मांझी, हरिलाल सोरेन, राजेश किस्कू, बीरू मांझी, महादेव हांसदा, जीतू मरांडी, कालीचरण मांझी, रूपन मुर्मू, गुरुदयाल हांसदा, जोगेंद्र टुडू, जगदेव मुर्मू, रति हांसदा, शिबू सोरेन, महादेव मरांडी, अरुण किस्कू, मनेदर हेंब्रम शामिल थे.

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