माओवादियों ने की अपने ही साथी जीतन मांझी की निर्मम हत्या, जंगल में पड़ा मिला शव

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माओवादियों ने की अपने ही साथी जीतन मांझी की निर्मम हत्या, जंगल में पड़ा मिला शव

झुमरा पहाड़ी में तलहटी में बसा रामगढ़ जिले के कीमो पंचायत के एदला-हरली गांव में बीते 12 अप्रैल की रात माओवादियों ने तीन ग्रामीण को अगवा किया था, जिसमें जीतन मांझी, छोटका टुडु और सुनील टुडु शामिल थे. दो लोगों छोटका टुडु और सुनील टुडु को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, जबकि जीतन मांझी को माओवादी अपने साथ ले गये और उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया. पुलिस ने शव बरामद कर लिया है.

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आनंद सोरेन

चुरचू (हजारीबाग) : झुमरा पहाड़ी में तलहटी में बसा रामगढ़ जिले के कीमो पंचायत के एदला-हरली गांव में बीते 12 अप्रैल की रात माओवादियों ने तीन ग्रामीण को अगवा किया था, जिसमें जीतन मांझी, छोटका टुडु और सुनील टुडु शामिल थे. दो लोगों छोटका टुडु और सुनील टुडु को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, जबकि जीतन मांझी को माओवादी अपने साथ ले गये और उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया. पुलिस ने शव बरामद कर लिया है.

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अपहरण की घटना की सूचना मिलते ही हजारीबाग एसपी कन्हैया मयूर पटेल ने त्वरित करवाई करते हुए सीआरपीएफ, जैप और जिला पुलिस बल को छापामारी करने के लिए भेजा था. छापामारी का मॉनिटरिंग स्वयं एसपी कर रहे थे. छापामारी दल में डिएसपी ओम प्रकाश, चुरचू इंस्पेक्टर व आगो थाना प्रभारी अभय कुमार, चुरचू थाना प्रभारी तरुण बाखला, सीआपीएफ जवान शामिल थे.

13 अप्रैल को दोपहर में हरली जंगल में पुलिस छापामारी में जीतन मांझी का शव हरली जंगल से बरामद कर लिया गया. शव को अपने कब्जे में कर आगो थाना लाया गया, जहां से पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया गया. ग्रामीणों ने पहले ही हत्या की आशंका जतायी थी.

क्या कहते हैं एसपी : इस संबंध में एसपी कन्हैया मयूर पटेल ने कहा कि जीतन मांझी, पिता मसौदी मांझी ग्राम हरली माओवादी सदस्य रहा है उस पर आगो थाना कांड संख्या 10/16 दर्ज है तथा 10 का वारंटी है. उन्होंने कहा कि तीन आदमी को हरली गांव से बीते दिन मिथलेश सिंह के दस्ते ने हरली गांव से अगवा कर अपने साथ ले गये, जिसमें से दो लोगों को मुक्त किया और जीतन माझी को अपने साथ ले जाकर उसकी हत्या कर हरली जंगल मे फेंक दिया. जहां छापामारी के दौरान शव बरामद हुआ है.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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