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एलआईसी कर्मियों ने तालाबंदी कर कार्य का किया बहिष्कार

Updated at : 12 Feb 2026 6:24 PM (IST)
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एलआईसी कर्मियों ने तालाबंदी कर कार्य का किया बहिष्कार

हजारीबाग मंडल के एलआईसी कर्मियों ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल के तहत तालाबंदी कर कार्य का बहिष्कार किया.

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यह हड़ताल 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं विभिन्न अखिल भारतीय संघों के आह्वान पर आयोजित की गयी थी हजारीबाग. हजारीबाग मंडल के एलआईसी कर्मियों ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल के तहत तालाबंदी कर कार्य का बहिष्कार किया. यह हड़ताल 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं विभिन्न अखिल भारतीय संघों के आह्वान पर आयोजित की गई थी. संयुक्त किसान मोर्चा ने इस हड़ताल का समर्थन किया है. बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल के बैनर तले मंडल कार्यालय के अधीन सभी 37 कार्यालयों में काम ठप रहा. महासचिव कॉम जगदीश चंद मित्तल ने नई श्रम संहिताओं, बीमा क्षेत्र में एफडीआई वृद्धि और सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश का विरोध करते हुए इसे श्रमिक-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष बताया. पेंशनर्स एसोसिएशन के जीवन कुमार, जेपी मुंडा तथा मदन पाठक ने महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण पर चिंता जतायी. इसकी अध्यक्षता अख्तर हुसैन ने की. हड़ताल में सुशील लकड़ा, दुर्गा सिंह, बसंत कुमार, प्रवीर राणा, राजेंद्र प्रसाद, सौरभ शंकर, रौनक भूषण, बिरसा मुंडा, दिनानाथ पांडेय, रितुराज सहाय कीर्ति, स्नेहा जीवांशी, पूनम सिंह, आशा मिंज, विजय साहू, रामविलास गोप, विवेक सहाय, मनीष प्रताप, विपिन सिंहा, देवचंद मंडल, तेजन गोपे, रमेश प्रसाद, उमेश महतो, जितेंद्र मिश्रा, बबन कुमार, भगवान राम, रवींद्र प्रसाद, मदनलाल मंडल एवं गौरीशंकर प्रसाद सहित कई कर्मी शामिल थे. चार लेबर कोड के विरोध में मोटरसाइकिल रैली चार लेबर कोड को मजदूरों और नौजवानों के लिए काला कानून बताते हुए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन ने मोटरसाइकिल रैली निकाली. यूनियन ने आरोप लगाया कि नए श्रम कोड, 44 श्रम कानूनों की समाप्ति, ठेका प्रथा को बढ़ावा, परमाणु ऊर्जा में निजी कंपनियों की एंट्री, बीज अधिनियम, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई और बिजली विधेयक जैसे कदम मजदूरों, किसानों और देशहित के खिलाफ हैं. रैली जिला परिषद चौक से शुरू होकर इंद्रपुरी चौक, पगोड़ा चौक, झंडा चौक, बंसीलाल चौक, पुराना बस स्टैंड, सिद्धू-कानू चौक व पीटीसी चौक होते हुए पुनः जिला परिषद चौक पर समाप्त हुई. इसका नेतृत्व गणेश कुमार (सीटू) और सुदीप चटर्जी ने किया. मौके पर सिकंदर कुमार, त्रिलोक कुमार, विजय कुमार, जितेंद्र कुमार, आनंद पांडे, सुमन शेखर, राकेश आनंद, ज्ञानेंद्र कुमार, मनोज गुप्ता सहित कई लोग शामिल हुए. अंत में उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय श्रम मंत्री को 9 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया. हजारीबाग में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में सांकेतिक धरना हजारीबाग के पुराना समाहरणालय स्थित धरना स्थल पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में एक घंटे का सांकेतिक धरना आयोजित किया गया. यह धरना पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, किसान सभा, झारखंड विस्थापित संघर्ष मोर्चा एवं खतियानी परिवार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. श्री मेहता ने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई, चार लेबर कोड और अमेरिका से व्यापारिक समझौतों को मजदूर–किसान विरोधी बताया. उन्होंने केंद्र सरकार से लेबर कोड रद्द करने और जनविरोधी नीतियां वापस लेने की मांग की. धरना में कुंजिल साव, गणेश मेहता, निजाम अंसारी, शौकत अनवर, शमीम एजाज, महेंद्र राम, मजीद अंसारी, अखिलेश, मुख्तार अंसारी, रामेश्वर रजक, आलोक, सुमन, मो हकीम, अशोक राम, महेश विश्वकर्मा, सुनीता कच्छप, बिंदु देवी, मो आशिक, मो फखरुद्दीन, मो मुजीब, मो असलम, मो अमीन, महमूद आलम, विजय मिश्रा, सुनीता टोप्नो, आशा देवी, निरोज कच्छप, सुरेश महतो, अमर कुमार, मोहम्मद अकबर, विजय कुमार, अली जान मियां, आजम अंसारी सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे.

हजारीबाग के पुराना समाहरणालय स्थित धरना स्थल पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में एक घंटे का सांकेतिक धरना आयोजित किया गया. यह धरना पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, किसान सभा, झारखंड विस्थापित संघर्ष मोर्चा एवं खतियानी परिवार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. श्री मेहता ने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई, चार लेबर कोड और अमेरिका से व्यापारिक समझौतों को मजदूर–किसान विरोधी बताया. उन्होंने केंद्र सरकार से लेबर कोड रद्द करने और जनविरोधी नीतियां वापस लेने की मांग की. धरना में कुंजिल साव, गणेश मेहता, निजाम अंसारी, शौकत अनवर, शमीम एजाज, महेंद्र राम, मजीद अंसारी, अखिलेश, मुख्तार अंसारी, रामेश्वर रजक, आलोक, सुमन, मो हकीम, अशोक राम, महेश विश्वकर्मा, सुनीता कच्छप, बिंदु देवी, मो आशिक, मो फखरुद्दीन, मो मुजीब, मो असलम, मो अमीन, महमूद आलम, विजय मिश्रा, सुनीता टोप्नो, आशा देवी, निरोज कच्छप, सुरेश महतो, अमर कुमार, मोहम्मद अकबर, विजय कुमार, अली जान मियां, आजम अंसारी सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे.

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VIKASH NATH

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