अपनी जड़ों से जुड़कर प्रकृति को नुकसान होने से बचायें : डॉ रचना

Updated at : 05 Jul 2024 5:15 PM (IST)
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अपनी जड़ों से जुड़कर प्रकृति को नुकसान होने से बचायें : डॉ रचना

आइसेक्ट विश्वविद्यालय के तरबा-खरबा स्थित मुख्य कैंपस में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया.

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आइसेक्ट विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ आदिवासी संस्कृति का संरक्षण करना वर्तमान समय की मांग : डॉ मुनीष प्रतिनिधि, हजारीबाग आइसेक्ट विश्वविद्यालय के तरबा-खरबा स्थित मुख्य कैंपस में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार छह सत्र में पूरे किए जाएंगे. आइक्यूएसी द्वारा समाज शास्त्र विभाग की ओर से सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् द्वारा प्रायोजित फॉरेस्टिंग एंटरप्रेन्योरशिप प्रिजर्विंग ट्राइबल कल्चर करेंट आउटलुक, चैलेंजेज़ एंड प्रोस्पेक्ट्स इन कॉन्टेक्स्ट ऑफ आत्मनिर्भर भारत पर आधारित है. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आरएनटीयू भोपाल की प्राध्यापिका डॉ रचना चतुर्वेदी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची की डॉ दुमनी मय मुर्मू, विभावि भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ सरोज कुमार सिंह, आइसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, वोकेशनल निदेशक डॉ बिनोद कुमार ने किया. मुख्य अतिथि डॉ रचना चतुर्वेदी ने कहा कि पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति को आत्मसात करने की भावना आधुनिकता की पहचान नहीं है बल्कि अपनी जड़ों से जुड़कर प्रकृति को नुकसान होने से बचाना है. कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि हमें आदिवासी समुदाय की संस्कृति बदलकर आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए. डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि आदिवासी समुदाय हमारी संस्कृति को बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. आदिवासी संस्कृति का संरक्षण करना वर्तमान समय की मांग है. डॉ सरोज कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक युग में लोगों का जीवन दवाइयों पर टिका है. आदिवासी समुदाय की दवाइयों पर निर्भरता कम हो गयी है. डॉ दुमनी मय मुर्मू ने कहा कि वर्षों से आदिवासी समुदाय अपने स्वभाव से कई प्राकृतिक आपदाओं से मानव समुदाय को बचाते आए हैं. हर समुदाय के लिए निरंतर विकास की आवश्यकता होती है. मंच संचालन डॉ प्रीति व्यास व धन्यवाद ज्ञापन रितेश कुमार ने किया. कार्यक्रम में कोर कमेटी के चेयरपर्सन डॉ बिनोद कुमार, डॉ एसआर रथ, डॉ रंजीत कुमार, शिव कुमार, अमित कुमार, डॉ बिनिता सिंह, डॉ पूनम चंद्रा, राजेश रंजन, माधवी मेहता, डॉ रोजीकांत, डॉ मनीषा सिंह, शुभा, रितेश लाल, रितेश कुमार, उदय रंजन, रविकांत, राहुल राजवार, संजय दांगी, डॉ अरविंद कुमार, मुकेश साव, हिमांशु चौधरी, सौरभ सरकार, अजय वर्णवाल, डॉ आरसी राणा, डॉ आलोक कुमार राय, आशा गुप्ता, नागेश्वरी कुमारी, राजेश कुमार, आदित्य कुमार, फरहीन सिद्दीकी, कोमल पल्लवी भेंगरा, मो शमीम अहमद, रोहित राणा समेत कई लोग शामिल थे.

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