विस्थापितों को पुनर्वास के नाम पर सिर्फ भूमि का टुकड़ा : माही पटेल
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विस्थापितों की जमीन गयी है उन विस्थापितों को उसका अधिकार, पहचान और शुद्ध पेयजल, सिंचाई समेत मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है.
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विष्णुगढ़.
डीवीसी के तिलैया, मैथन, बोकारो और कोनार डैम में जिन विस्थापितों की जमीन गयी है उन विस्थापितों को उसका अधिकार, पहचान और शुद्ध पेयजल, सिंचाई समेत मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है. उक्त बातें युवा सामाजिक कार्यकर्ता माही पटेल उर्फ महेंद्र प्रसाद महतो ने विष्णुगढ़ में कहीं. बताया कि दामोदर घाटी निगम का निर्माण बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई के साथ बिजली उत्पादन के लिए हुआ था. कंपनी सामाजिक दायित्वों को दरकिनार कर सिर्फ बिजली उत्पादन और बिक्री कर रही है. डीवीसी द्वारा जितने भी डैम निर्माण हुए हैं, उनके एक भी परियोजना के भूमि का दाखिल खारिज नहीं कराई है और न ही परियोजना में विस्थापितों का सुध लिया जाता है. पुनर्वास के नाम पर सिर्फ एक भूमि का टुकड़ा दिया गया है. मुखिया चंद्रशेखर ने बताया कि डीवीसी के पदाधिकारी बिचौलिये के साथ मिल कर कार्य करते हैं. डीवीसी कोनार डैम विस्थापित सुरेश राम ने बताया कि पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण विस्थापित आज भूमिहीन हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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