जैन धर्म का पर्यूषण पर्व 28 से

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जैन धर्म का पर्यूषण पर्व 28 से

जैन बाड़म बाजार और बड़ा बाजार मंदिर दो जगहों पर होगा कार्यक्रम

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हजारीबाग. जैन धर्म का पर्यूषण पर्व 28 अगस्त से शुरू होगा. दस धर्म लक्षण वाले पर्यूषण पर्व में क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग व आकिंचन्य एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म शामिल हैं. ये सभी गुण आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज में हैं. कार्यक्रम जैन बाडम बाजार और बडा बाजार मंदिर दो जगह पर होगा. इसकी तैयारी कर ली गयी है. पर्व ब्रह्मचारिणी दीदी संपदा एवं दीदी अनिता के सानिध्य में संपन्न होगा. महामंत्री संजय जैन अजमेरा ने बताया कि पर्यूषण पर्व का मतलब आत्मा को शुद्ध करने का प्रयास है. जिसमें हर श्रावक नित्य देव दर्शन, पूजा-पाठ स्वाध्याय कर भक्ति में रम कर राग-द्वेष छोड़ साधना कर अपने पापों का क्षय करता है. क्षमावाणी के दिन यह पर्व आत्मा को पवित्र और शुद्धता के मार्ग पर अग्रसर करता है. एक दूसरे से क्षमा मांगकर इस पर्व की समाप्ति होगी. ब्रह्मचारिणी बहन इस दिन प्रवचन करेंगी. मीडिया प्रभारी अमित जैन विनायका ने सभी लोगों से पर्व का आनंद उठाने का आह्वान किया है.

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