झारखंड की हजारीबाग ओपन जेल में कैदी ने की खुदकुशी, 8 नक्सल केस हैं दर्ज

हजारीबाग ओपन जेल
हजारीबाग ओपन जेल में एक विचाराधीन नक्सली बंदी ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र की मंझला तुरका पहाड़ी का छोटा श्यामलाल देहरी उर्फ संतु देहरी 30 वर्ष का था. सरेंडर करने के बाद छोटा श्यामलाल देहरी हजारीबाग ओपन जेल में था. उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं.
हजारीबाग, जयनारायण-हजारीबाग जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा ओपन जेल के एक विचाराधीन नक्सली बंदी (कैदी) ने शनिवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. मृतक बंदी दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र की मंझला तुरका पहाड़ी के छोटा श्यामलाल देहरी उर्फ संतु देहरी 30 वर्ष का था. उसके पिता का नाम दुखन देहरी है. सरेंडर करने के बाद छोटा श्यामलाल देहरी हजारीबाग ओपन जेल में था. इसके खिलाफ आठ नक्सल मामले दर्ज हैं.
ओपन जेल के वार्ड डी में था बंदी
नौ फरवरी 2021 को इस बंदी को दुमका केंद्रीय कारा से हजारीबाग ओपन जेल स्थानांतरित किया गया था. जेल अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि बंदी छोटा श्यामलाल देहरी को ओपन जेल के वार्ड डी में रखा गया था. ओपेन जेल में सभी बंदी अलग-अलग वार्ड में रहते हैं. शनिवार की सुबह बंदियों की गिनती हो रही थी तो छोटा श्यामलाल देहरी नहीं था. वार्ड में तलाशी ली जाने लगी तो छोटा श्यामलाल देहरी के वार्ड का दरवाजा अंदर से बंद था.
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दरवाजा तोड़कर लोग उसके वार्ड में घुसे
सुरक्षाकर्मियों एवं अन्य बंदियों ने वार्ड का दरवाजा तोड़ा और अंदर प्रवेश करने के बाद देखा कि बंदी छोटा श्यामलाल देहरी ने फांसी लगा ली है. उसका शव लटक रहा था. तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गयी. शव का पोस्टमार्टम शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया गया.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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