परीक्षा परिणाम में हजारीबाग की रैंकिंग गिरने पर डीसी आहत, जिला स्कूल का किया दौरा

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 15 May 2026 3:35 PM

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सीएम उत्कृष्ट जिला स्कूल का निरीक्षण करते डीसी हेमंत सती. फोटो: प्रभात खबर

Hazaribagh News: हजारीबाग में परीक्षा परिणाम कमजोर रहने पर डीसी हेमंत सती ने सीएम उत्कृष्ट जिला स्कूल का निरीक्षण किया. उन्होंने शिक्षण व्यवस्था सुधारने, नियमित टेस्ट कराने और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और पुराने प्रश्नपत्रों के अध्ययन की सलाह भी दी गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में वार्षिक परीक्षा परिणाम में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने से उपायुक्त हेमंत सती चिंतित नजर आए. जिले की शैक्षणिक रैंकिंग में आई गिरावट को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने शुक्रवार 15 मई को सीएम उत्कृष्ट जिला स्कूल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति और परीक्षा परिणाम की समीक्षा की तथा कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.

12वीं के परिणाम पर जताई चिंता

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में विद्यालय के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या निकिता कुमारी को शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के निर्देश दिए. उपायुक्त ने कहा कि स्कूल का परिणाम केवल विद्यार्थियों की मेहनत पर निर्भर नहीं करता, बल्कि शिक्षकों की जिम्मेदारी और नियमित मॉनिटरिंग भी उतनी ही जरूरी है. उन्होंने कमजोर विषयों की पहचान कर उन पर विशेष फोकस करने को कहा, ताकि आने वाले वर्षों में विद्यालय बेहतर परिणाम दे सके.

जैक मैट्रिक में 14वें स्थान पर हजारीबाग

झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) की ओर से 23 अप्रैल 2026 को जारी मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट में हजारीबाग जिला स्टेट टॉपरों का खजाना बन गया, लेकिन 2025 के मुकाबले सात पायदान नीचे फिसल गया है. राज्य स्तर पर हजारीबाग ने 14वां स्थान प्राप्त किया है. 2025 में हजारीबाग सातवें स्थान पर था. इस बार जिले का रिजल्ट 94.9 प्रतिशत है. 2025 में 94.4 प्रतिशत था. रिजल्ट के मामले में इस वर्ष हजारीबाग को 0.5 प्रतिशत का इजाफा मिला है.

जैक इंटर में भी पिछड़ा ‌हजारीबाग

झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) द्वारा जारी इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम में जिला अपेक्षाकृत पीछे रह गया है. मैट्रिक परीक्षा के बाद अब 12वीं के परिणाम में भी हजारीबाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा. तीनों संकाय (साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स) में जिले की रैंकिंग राज्य स्तर पर उम्मीद से कम रही है. राज्य स्तरीय रैंकिंग की बात करें तो आर्ट्स संकाय में हजारीबाग को 10वां स्थान मिला है. कॉमर्स में जिला 9वें स्थान पर रहा, जबकि साइंस में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया गया.

शिक्षकों और विद्यार्थियों की स्थिति की ली जानकारी

उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता की भी जानकारी ली. उन्हें बताया गया कि कक्षा 6 से 12 तक कुल 520 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि सभी विषयों को मिलाकर कुल 28 शिक्षक कार्यरत हैं. उन्होंने शिक्षकों से बातचीत कर पढ़ाई की वर्तमान स्थिति जानी और पूछा कि विद्यार्थियों के कमजोर प्रदर्शन के पीछे क्या कारण हैं. साथ ही उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.

कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से किया संवाद

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और सीधे विद्यार्थियों से बातचीत की. उन्होंने छात्रों से उनके भविष्य के लक्ष्य और करियर योजनाओं के बारे में जानकारी ली. डीसी ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए केवल किताबें पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विषयों की गहराई से समझ विकसित करना भी जरूरी है. उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने और कठिन विषयों से डरने के बजाय उन्हें समझने का प्रयास करने की प्रेरणा दी.

बेहतर पढ़ाई के लिए दिए महत्वपूर्ण टिप्स

उपायुक्त हेमंत सती ने विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन के लिए कई उपयोगी सुझाव भी दिए. उन्होंने कहा कि छात्र किसी भी विषय को रटने के बजाय उसकी मूल अवधारणा को समझें. साथ ही पिछले 10 से 12 वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करें, ताकि परीक्षा के पैटर्न और महत्वपूर्ण प्रश्नों की जानकारी मिल सके. उन्होंने कहा कि जिन सवालों को समझने में कठिनाई हो, उन्हें शिक्षकों से पूछने में संकोच नहीं करना चाहिए. डीसी ने मोबाइल के सकारात्मक उपयोग पर भी जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थी इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री का लाभ उठा सकते हैं.

नियमित टेस्ट और लिखित अभ्यास पर जोर

उपायुक्त ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक अध्याय पूरा होने के बाद विद्यार्थियों का नियमित टेस्ट लिया जाए. उन्होंने कहा कि केवल पढ़ने से नहीं, बल्कि लिखकर अभ्यास करने से विद्यार्थियों की समझ और याददाश्त मजबूत होती है. उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को उत्तर लिखने की आदत डालें और उनकी कॉपियों की नियमित जांच करें. इससे विद्यार्थियों की कमजोरियों की पहचान होगी और समय रहते सुधार किया जा सकेगा.

साफ-सफाई और संसाधनों पर भी दिया ध्यान

निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने विद्यालय परिसर का भी अवलोकन किया. उन्होंने स्कूल में साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया और परिसर को स्वच्छ बनाए रखने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने प्रभारी प्राचार्या से कहा कि विद्यालय में यदि किसी प्रकार के संसाधनों की कमी है तो उसकी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.

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मेहनत और अनुशासन का दिया संदेश

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का महत्व समझाया. उन्होंने कहा कि यदि छात्र पूरी लगन और ईमानदारी के साथ पढ़ाई करेंगे तो निश्चित रूप से बेहतर परिणाम प्राप्त करेंगे और जिले का नाम रोशन करेंगे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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