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सीमा सुरक्षा बल मेरू ने मनाया 60वां स्थापना दिवस

Updated at : 01 Dec 2024 8:49 PM (IST)
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सीमा सुरक्षा बल मेरू ने मनाया 60वां स्थापना दिवस

सीमा सुरक्षा बल मेरू ने 60वां स्थापना दिवस पर मेरू कैम्प परिसर स्थित अन्नताचारी स्टेडियम में बड़ा खाना व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया.

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बीएसएफ अतंर्राष्ट्रीय सीमाओं व आतंरिक सुरक्षा में अपनी भूमिका प्रदान कर रहा है : महानिरीक्षक 1हैज105में- महानिरीक्षक केएस बन्याल ने पदाधिकारियों के साथ केक काटकर मनाया स्थापना दिवस हजारीबाग. सीमा सुरक्षा बल मेरू ने 60वां स्थापना दिवस पर मेरू कैम्प परिसर स्थित अन्नताचारी स्टेडियम में बड़ा खाना व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया. शुरुआत महानिरीक्षक कमलजीत सिंह बन्याल ने पौधारोपण कर की. केक काटकर स्थापना दिवस मनाया गया. कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक राजेश कुमार, राकेश रंजन लाल, देवजीत कुमार प्रमाणिक, एसटीएस समादेष्टा गणेश कुमार, मुकुंद कुमार झा, अधिकारी, अधिनस्थ अधिकारी, कार्मिक एवं बीएसएफ के सेवा निवृत्त कार्मिक उपस्थित थे. महानिरीक्षक केएस बन्याल ने कहा कि आज का दिन हर एक सीमा प्रहरी व उनके परिजनों के लिए हर्ष का दिन है. सीमा सुरक्षा बल भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति के रूप में अतंर्राष्ट्रीय सीमाओं व आतंरिक सुरक्षा में अपनी अहम भूमिका प्रदान कर रहा है. कहा कि बीएसएफ मेरू कैंप के कार्मिकों को प्रोफेशनल कोर्सों में प्रशिक्षण प्रदान करने तथा सहायक प्रशिक्षण केन्द्र को नवआरक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण देने का अद्वितीय गौरव प्राप्त है. जिसे नित्य नए आयाम स्थापित करते हुए पूरा करते रहे हैं. महानिरीक्षक ने सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को इस दिवस की बधाई दी. साथ ही बीएसएफ के सेवा निवृत कार्मिकों का आभार जताया. सीमा सुरक्षा बल एक दिसंबर 1965 से राष्ट्र की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है. बल के संस्थापक प्रथम महानिदेशक आईपीएस केएफ रूस्तम के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता का सन् 1971 के भारत-पाक युद्व में सीमा सुरक्षा बल के अविस्मरणीय योगदान में दिखा. सीमा सुरक्षा बल कुल 193 वाहिनियों में कार्यरत है. 2.65 लाख कार्मिकों के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ आतंरिक सुरक्षा जैसे नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, छतीसगढ़, ओडिसा और जम्मू-कश्मीर में नक्सलवाद व उग्रवाद से लड़ने में अपना अहम योगदान दे रहा है. इसके अलावा वीआईपी सुरक्षा में एनएसजी, एसपीजी एवं संयुक्त राष्ट्र अभियान के विश्वव्यापी सुरक्षा में भी अपना योगदान दे रहा है. बीएसएफ ने विश्व के सबसे बड़े बॉर्डर गार्डिंग फोर्स के बहादुर जवानों को तोपखाना, वायु एवं जल स्कंध, उंट एवं श्वानों के दस्ते, कमांडो यूनिट, संचार स्कंध बेहतरीन प्रशिक्षण तथा स्वास्थय सेवाओं से मजबूत किया गया है. सीमा सुरक्षा बल के सीमा प्रहरीयों को उनके कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने के लिए एक महावीर चक्र, 13 वीर चक्र, चार कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र, 56 सेना मेडल, 232 पीपीएमजी एवं 968 पीएमजी दिए जा चुके है. सीमा सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें बड़ाखाना के साथ-साथ जॉज एवं ब्रास बैंड की धुन व सीमा प्रहरीयों ने सीमा सुरक्षा बल गान, देशभक्ति गीत व नृत्य प्रस्तुत किये. कार्यक्रम में बावा सदस्य मौसमी प्रमाणिक के तत्वावधान में मेरु परिसर स्थित परिवार कल्याण केन्द्र में बावा सदस्यों एवं उसके आसपास रह रही वीरांगनाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम व बड़ाखाना का आयोजन किया गया.

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