लीड... 19 भूमिहीन परिवारों को मिला वासगीत परचा

लीड… 19 भूमिहीन परिवारों को मिला वासगीत परचा फ्लैग- जिरौन गांव.114 डिसमील जमीन का परचा वितरण किया गयाप्रत्येक परिवार को छह-छह डिसमील जमीन का परचा मिला परचा पाकर उत्साहित हैं लाभुक, उपायुक्त का किया आभार प्रकटलावालौंग 1 में परचा देती मुखिया. लावालौंग 2 में. परचा के साथ भूमिहीन परिवार.लावालौंग. प्रखंड के लमटा पंचायत के जिरौन […]
लीड… 19 भूमिहीन परिवारों को मिला वासगीत परचा फ्लैग- जिरौन गांव.114 डिसमील जमीन का परचा वितरण किया गयाप्रत्येक परिवार को छह-छह डिसमील जमीन का परचा मिला परचा पाकर उत्साहित हैं लाभुक, उपायुक्त का किया आभार प्रकटलावालौंग 1 में परचा देती मुखिया. लावालौंग 2 में. परचा के साथ भूमिहीन परिवार.लावालौंग. प्रखंड के लमटा पंचायत के जिरौन गांव के 19 भूमिहीन परिवारों के बीच गुरुवार को 114 डिसमील जमीन का परचा वितरण किया गया. प्रत्येक परिवार को छह-छह डिसमील जमीन का परचा दिया गया. मुखिया कल्पना देवी ने परचा बांटा. उपायुक्त अमित कुमार के निर्देश पर यह परचा भूमिहीनों को दिया गया. दस फरवरी 2016 को उपायुक्त ने योजना बनाओ अभियान के तहत उक्त गांव में ग्राम सभा में भाग लिया था. इस दौरान भूमिहीन परिवारों ने उपायुक्त से जमीन का परचा उपलब्ध कराने की मांग की थी. उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीओ को अविलंब उक्त लोगों को वासगीत परचा देने का निर्देश दिया. पूर्व मुखिया अमित कुमार चौबे, भाजपा नेता भोला प्रसाद, पवन प्रसाद, पंसस कैलाश देवी ने उपायुक्त को इस कार्य के लिए धन्यवाद दिया है. मौके पर नेपाल गंझू, धनेश्वर, अनिता देवी, पंचायत सचिव नामधारी यादव समेत पंचायत के कई लोग उपस्थित थे. इन लोगों को मिला परचा: 22 में से 19 परिवारों को परचा दिया गया. जिसमें उपेंद्र भुइयां, बंधु, विजय, मसोमात बसमतिया देवी, संजय, राजू, सूरज, नगेश्वर, प्रकाश, मसोमात मुन्ना देवी, प्रसाद भुइयां, गोपाल, बुट्टा, राजेंद्र, अजय, प्रेम, विजय, परमेश्वर, बिनोद व गोपाल भुइयां को छह-छह डिसमील वासगीत परचा दिया गया. परचा पाकर भूमिहीन परिवार काफी खुश नजर आ रहे थे. उन्होंने उपायुक्त को धन्यवाद दिया. उपेंद्र भुईयां ने बताया कि जमीन का दस्तावेज मिलने से अब हमलोग भूमिहीन नहीं रहे. स्थायी रूप से मकान व घर बना कर रहने का सपना पूरा हो गया है. मसोमात बसमतिया देवी ने कहा कि जिस जमीन पर रह रहे थे हमेशा डर बना रहता था कि सरकार हटा न दें, अब यह डर समाप्त हो गया है.100 वर्षों से रह रहे थे लोग: जिरौन के जमींदार नागेंद्र सिंह ने उक्त लोगों को पलामू जिले के लोहरसी गांव से काम करने के लिए यहां लाया था. तब ये लोग वहां रह रहे थे. जमींदार की जमीन पर रह कर खेती-बारी कर अपना जीविका चला रहे थे. अधिकांश लोग मकान बना कर रह रहे हैं. कई बार लोगों ने डीसी व सीओ को आवेदन देकर जमीन का दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन उपायुक्त अमित कुमार ने यह सपना पूरा कर दिखाया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










