लीड ़ सिंचाई के अभाव से पैदावार में कमी

Published at :17 Oct 2015 8:58 PM (IST)
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लीड ़ सिंचाई के अभाव से पैदावार में कमी

लीड ़ सिंचाई के अभाव से पैदावार में कमी इंदिरा पंचायतकुल मतदाता 3779महिला 1779पुरुष 200017हैज60 में- इंदिरा पंचायत की जर्जर सड़क पंचायत वाचचरही. वर्ष 2010 में 32 वर्ष बाद पंचायत चुनाव हुआ. पंचायत चुनाव हुए पांच वर्ष गुजर गये. इन पांच वर्षों में सुदूरवर्ती कुछ क्षेत्रों में अपेक्षा के अनुरूप विकास नहीं हो पाया. कई […]

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लीड ़ सिंचाई के अभाव से पैदावार में कमी इंदिरा पंचायतकुल मतदाता 3779महिला 1779पुरुष 200017हैज60 में- इंदिरा पंचायत की जर्जर सड़क पंचायत वाचचरही. वर्ष 2010 में 32 वर्ष बाद पंचायत चुनाव हुआ. पंचायत चुनाव हुए पांच वर्ष गुजर गये. इन पांच वर्षों में सुदूरवर्ती कुछ क्षेत्रों में अपेक्षा के अनुरूप विकास नहीं हो पाया. कई गांव मुलभूत सुविधा से वंचित है. पंचायत के कुछ गांवों में स्थिति थोड़ी बदली, पर कुछ गांवों के ग्रामीणों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकी. पांच वर्षों में इंदिरा पंचायत के दाहुदाग, तरवांटांड़, जोजोबेड़ा व बाधाकोचा गांव आज भी विकास से कोसों दूर है. दहुदाग गांव चाराें ओर पहाड़ों से घिरा हुआ है वहां बिजली, सड़क व सिंचाई की मूलभूत सुविधा का अभाव है. दहुदाग जाने के लिए कच्चे रास्ता का ही सहारा लेना पड़ता है. वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण सड़क नहीं बन पायी है. बिजली के लिए तार नहीं होने के कारण बिजली का समुचित लाभ नहीं मिल पाता है. यहां अधिकतर किसान कृषि पर आधारित हैं. कृषि ही इनका मुख्य पेशा है. सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण ये ठीक से खेती नहीं कर पाते हैं. कई लोग विधवा पेंशन व वृद्धापेंशन से वंचित हैं. तरवाटांड़ की सड़क काफी जर्जर हो गयी है. बरसात के दिनों में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इंदिरा पंचायत के अंतर्गत बासाडीह, छोटका बासाडीह, खुटियाटांड़, जोजोबेड़ा में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है. जबकि यहां के भी अधिकतर लोग कृषि से ही अपना जीविकोपार्जन करते हैं. 17हैज61 में-इंदिरा मुखिया सावित्री देवी जनता के विश्वास पर खरा उतरी : सावित्री देवी चरही. इंदिरा मुखिया सावित्री देवी ने कहा कि पांच वर्षों में मनरेगा से कुआं, रोड, तालाब, समतलीकरण, पीसीसी पथ, चापानल, नाली, विवाह घर, सामुदायिक भवन व 13वें वित्त से कई विकास कार्य किये. लोगों के विश्वास पर खरा उतरी. सुदूरवर्ती क्षेत्र जैसे दाहुदाग गांव, बाघाकोचा व तरवाटांड़ में भी विकास का कार्य किया. दहुदाग में चपानल, कुआं, चबूतरा, आंगनबांड़ी बनाने सहित कई कार्य किये. लोगों को विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन से जोड़ा. बिजली तार के लिए उच्च अधिकारियोें से मांग की गई है. 17हैज62 में-दूसरे स्थान पर रहे सीता देवी धरातल पर कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ : सीता देवी चरही. पिछले पंचायत चुनाव में दूसरे स्थान पर रही सीता देवी ने कहा कि पांच वर्षों में एक भी विकास कार्य धरातल पर नहीं उतरा. सिचांई के क्षेत्र में बेहतर कार्य होना चाहिए था जो नहीं हुआ. बेरोजगारों को रोजगार दिलाने को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने कोई पहल नहीं की. रोजगार के लिए यहां के युवा दूसरे राज्य में पलायन कर गये. बहुत सारे लोगों को विधवा, वृद्धापेंशन नहीं मिल पाया. शिक्षा की लचर व्यवस्था नहीं सुधरी. इंदिरा पंचायत के दहुदाग, तरवांटांड़, बाघाकोचा व जोजोबेड़ा गांवों में अपेक्षा के अनुरूप विकास नहीं हुआ. यादों में 17 हैज 63 में- चंद्र कुमार महतो चरही. 1978 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे चंद्र कुमार महतो बताते हैं कि पहले के चुनाव में हमलोग नि:स्वार्थ भाव से मतदान करते थे. सर्वसम्मति से उन्हें जिताने का निर्णय लिया जाता था. उस समय के लोगों में कोई स्वार्थ नहीं था. प्रत्याशी को चंदा इकट्ठा कर मामूली चुनाव खर्च दिया जाता था. प्रत्याशी को जिताने की जिम्मेवारी जनता की होती थी. उस समय लोगों का झुकाव पैसे की ओर नहीं था. वर्तमान में पैसा का अहमियत बढ़ गया है. पैसे वाले ही चुनाव लड़ते हैं. बिना पैसे वालों के लिए कोई जगह नहीं है. लोग मतदान नहीं करते, बल्कि पैसे के सहारे अपना मत बेच देते हैं. कैसा हो प्रतिनिधि 17 हैज 64 में- दशरथ महतो 17हैज 65 ,लालदेव महतो 17 हैज 66,रोहित महतो 17 हैज 67 ,खुर्शीद आलम 17हैज68,रवि कुमार महतो 17 हैज 69 ,हेमेंती मसोमात 17हैज 70,विनोद महतो 17हैज 71,सुरेंद्र महतो गांव का चहुंमुखी विकास करने वाला हो मुखिया चरही. इंदिरा पंचायत के समाजसेवी दशरथ महतो ने कहा कि गांव का चहुंमुखी विकास करने वाला ही मुखिया बने. गरीबों के हर सुख-दुख में शामिल हो. रोहित महतो ने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में विकास कार्य की प्रगति नहीं दिखी. पंचायत योजना द्वारा कार्य केवल पंचायत प्रतिनिधियों के पिछवाड़े तक ही सीमित रहा. लालदेव महतो ने कहा कि गरीबों के दर्द को समझने वाला ही प्रतिनिधि चुन कर सामने आये. एकरामुल हसन ने कहा कि शिक्षित और सबको लेकर चलने वाला हो मुखिया. संतोष करमाली ने कहा कि जात-पात से ऊपर उठ कर पंचायत में काम करने वाला हो. राजकुमार साव ने कहा कि पंचायत से बेरोजगारी दूर करने वाला हो. बाल कुमार महतो ने कहा कि इंदिरा पंचायत का चहुंमुखी विकास करने वाला हो. तसलीम अंसारी ने कहा कि मूलभूत समस्या को दूर करने वाला मुखिया बने.

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