सिंचाई, सड़क व बिजली की समस्या बरकरार

Published at :15 Oct 2015 7:13 PM (IST)
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सिंचाई, सड़क व बिजली की समस्या बरकरार

सिंचाई, सड़क व बिजली की समस्या बरकरारपचड़ा पंचायत 14केरेडारी2 में- जर्जर सड़ककेरेडारी. 32 वर्षों के बाद 2010 में पंचायत चुनाव हुआ. पंचायत चुनाव के बाद लोगों में आस जगी की अब गांव की समस्याएं दूर होगी, पर लोगों के सपने अधूरे रह गये. पंचायती राज लागू होने के बावजूद केरेडारी प्रखंड के पचड़ा पंचायत का […]

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सिंचाई, सड़क व बिजली की समस्या बरकरारपचड़ा पंचायत 14केरेडारी2 में- जर्जर सड़ककेरेडारी. 32 वर्षों के बाद 2010 में पंचायत चुनाव हुआ. पंचायत चुनाव के बाद लोगों में आस जगी की अब गांव की समस्याएं दूर होगी, पर लोगों के सपने अधूरे रह गये. पंचायती राज लागू होने के बावजूद केरेडारी प्रखंड के पचड़ा पंचायत का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया. पचड़ा पंचायत में आज भी पेयजल, सड़क, सिंचाई, बिजली की समस्या व्याप्त है. पचड़ा की आबादी लगभग पांच हजार है. पचड़ा में बेरोजगारी की समस्या अधिक है. लोग रोजगार की तलाश में दर-दर भटकते-फिर रहे हैं. प्रखंड क्षेत्र में एनटीपीसी, रिलायंस, सीसीएल सहित कई कंपनियां कार्य करने जा रही है. फिर भी यहां के लोग रोजगार की तलाश में बाहर चले गये हैं. पचड़ा मुखिया ने पंचायत के विकास में आदर्श स्थिति बनायी14केरेडारी1 में- पचड़ा मुखिया बिरल देवी केरेडारी. पचड़ा पंचायत की मुखिया बिरल देवी ने अपने कार्यकाल में पचड़ा के विकास में पूरी ताकत झोंक दी. मनरेगा योजना से दो दर्जन कुआं, छह मिट्टी-मोरम पथ, 15 पीसीसी पथ, पचड़ा पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र बनवाये समेत सिंचाई के लिए कई डीप बोरिंग व चापानल लगवाये. पचड़ा पंचायत के पचड़ा, नौवाखाप, अमाटांड़ सहित अन्य गांवों में विद्युतीकरण कर गांवों में बिजली की रोशनी पहुंचायी. मुखिया ने कहा कि मैं पचड़ा के विकास के लिए हमेशा तत्पर रही. सरकार के उदासीनता के कारण पचड़ा पंचायत में कई योजनाओं का शुभारंभ नहीं हो सका. हमने जनता का हमेशा सुख-दुख में साथ दिया. असहाय व गरीबों की हर संभव मदद की. जरूरतमंदों को इंदिरा आवास, राशन कार्ड, विधवा, वृद्धा पेंशन दिलवाया. उन्होंने कहा कि इस बार जिला परिषद का चुनाव लड़ूंगी. पचड़ा का विकास नहीं हुआदूसरे स्थान पर रहे मुखिया उम्मीदवार विमल देवी ने बताया कि आज भी पचड़ा पंचायत का विकास नहीं हुआ है. गांव में पानी, बिजली की समस्या तो आम बात है. गांवों में सिंचाई की सुविधा होती तो इस वर्ष खेतों में लगे धान की फसल नष्ट नहीं होती. पंचायत चुनाव हारने के बाद भी लोगों के सुख-दुख में साथ रही. सुख-दुख में हमेशा साथ रहने वाला जनप्रतिनिधि होपचड़ा गांव के अरुण पासवान ने कहा कि ग्रामीणों के सुख-दुख में हमेशा साथ रहनेवाला प्रतिनिधि होना चाहिए. देवनंदन महतो ने कहा कि गांव की समस्याओं के प्रति लड़ाई लड़नेवाले प्रतिनिधि को चुनेंगे. दशरथ साव, गोवर्धन साव ने कहा कि स्वच्छ छवि व शिक्षित व्यक्ति को इस बार चुनेंगे. महेश साव ने कहा कि पांच साल बाद फिर नये व्यक्ति को चुनने का मौका आया है. स्वच्छ व कर्मठ उम्मीदवार का इस बार चयन करेंगे. यादों मेंअब के चुनाव में भ्रष्टाचार मचा हैकेरेडारी. वर्षों पूर्व चट्टीबारियातु पंचायत में पचड़ा पंचायत समेत कई गांव शामिल था. वहां के सरपंच सूरज साव हुआ करते थे. पूर्व सरपंच सूरज साव का कहना है कि पहले के चुनाव और अब के चुनाव में काफी बदलाव हुआ है. पहले चुनाव जीतने के बाद लोग उसे आर्थिक सहयोग करते थे. लेकिन अब के चुनाव में लोग नोटों के बल पर चुनाव जीत रहे हैं. चुनाव में अच्छे लोग पिछड़ जाते हैं. इस चुनाव में गरीबों को कोई सहयोग नहीं मिलता.

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