न पंचायत भवन बना और न ही अन्य सुविधाएं मिली (फोटो)
न पंचायत भवन बना और न ही अन्य सुविधाएं मिली (फोटो) 11कोडपी1मुखिया जयशंकर प्रसाद सिंह. 11कोडपी2पंसस बबलू सिंह.11कोडपी3विनोद राम11कोडपी4संजय सिंह.11कोडपी5बाबूलाल सिंह.11कोडपी6अंजू देवी.11कोडपी7गंधन महतो.11कोडपी8ईटाय पंचायत की खस्ताहाल सड़क.11कोडपी9अधूरा पड़ा ईटाय पंचायत भवन का निर्माण.11कोडपी10स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण भी लटका पड़ा है.———-पंचायत वाच : ईटाय पंचायतकुल मतदाता : 2403महिला मतदाता : 1118पुरुष मतदाता : 1285———कॉमन इंट्रोगांव की […]
न पंचायत भवन बना और न ही अन्य सुविधाएं मिली (फोटो) 11कोडपी1मुखिया जयशंकर प्रसाद सिंह. 11कोडपी2पंसस बबलू सिंह.11कोडपी3विनोद राम11कोडपी4संजय सिंह.11कोडपी5बाबूलाल सिंह.11कोडपी6अंजू देवी.11कोडपी7गंधन महतो.11कोडपी8ईटाय पंचायत की खस्ताहाल सड़क.11कोडपी9अधूरा पड़ा ईटाय पंचायत भवन का निर्माण.11कोडपी10स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण भी लटका पड़ा है.———-पंचायत वाच : ईटाय पंचायतकुल मतदाता : 2403महिला मतदाता : 1118पुरुष मतदाता : 1285———कॉमन इंट्रोगांव की सरकार को एक बार फिर चुनने का समय आ गया है. इसकी अधिसूचना भी जारी हो गयी है. पांच वर्ष पूर्व जिस आशा और उम्मीद से लोगो ने पंचायत जनप्रतिनिधियो का चुनाव किया वे उम्मीदेंं कहां तक पूरी हुई और कौन सी उम्मीद अधूरी रह गयी. इसकी पड़ताल को लेकर प्रभात खबर ने शुरू किया पंचायत वाच कॉलम. आज पढ़ें सतगावां प्रखंड के ईटाय पंचायत की रिपोर्ट. ———प्रतिनिधिसतगावां : जिले के अन्य प्रखंडों की तरह ही सुदूरवर्ती सतगावां प्रखंड के गांवों में कमोबेश वही स्थिति है जो पहले थी. पंचायती राज व्यवस्था के बाद कुछ बदलाव तो हुए, पर ये नाकाफी नजर आते हैं. प्रखंड के कई पंचायतों में तो आज तक अपना पंचायत भवन नहीं बन सका है और पांच वर्षों तक मुखिया जी सरकारी काम काज को अपने घर में अपने तरीके से निपटाते रहे. कुछ ऐसा ही हाल प्रखंड के ईटाय पंचायत का रहा. यहां पंचायत भवन का निर्माण अधूरा है तो उप स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा है. पीएचसी का निर्माण भी अधूरा है. इस काम को शुरू करवाने के लिए किसी जनप्रतिनिधि ने पहल नहीं की. डाक्टरों की भी वही हाल है. कभी कभार आते हैं तो लोगों का इलाज हो जात है नहीं तो सतगावां या फिर कोडरमा का सहारा लेना पड़ता है. कई लोग तो बिहार के नवादा जाना भी अच्छा समझते हैं. मुखिया के पांच वर्ष के कार्यकाल पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए योगीडीह निवासी विनोद राम ने कहा कि मुखिया ने सिर्फ अपने चहेते लोगों को ही लाभ दिया. किसी भी अनुसूचित जाति मोहल्ले ें विकास का कोई कार्य नहीं हुआ है. आज भी लोग गंदगी में जीवन गुजर बसर कर रहे हैं. वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग गंधन महतो ने कहा कि पंचायत चुनाव होने से जितना विकास होना चाहिए था उनता नहीं हुआ है. पहले और आज में काफी अंतर आया है, पर कई सड़कों की स्थिति जर्जर है. ईटाया के बाबुलाल सिंह ने कहा कि मेरी उम्र 65 वर्ष है. मेरे द्वारा दो बार मुखिया के यहां वृद्धा पेंशन का फार्म दिया गया, लेकिन आज तक वृद्धा पेंशन के लाभ से वंचित हूं. ईटाय की ही अंजू देवी कहती है कि कुछ सड़कों का निर्माण मुखिया के कार्यकाल में हुआ है. पहले हमलोग किचड़ में आते जाते थे. सड़क बनने से बहुत सुविधा मिल रहा है. कई निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण मुखिया को भी परेशानी होती है. संजय सिंह ने कहा कि मुखिया तेज तर्रार, शिक्षित हैं. उन्होंने पंचायत की समस्याओं को प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक उठाया और निदान का प्रयास किया. उन्होंने मुखिया के कार्यकाल की प्रशंसा की. वहीं नि:शुक्त पंसस बबलू सिंह ने कहा कि मुखिया ने सरकार के आदेश का पालन नहीं किया व ग्राम सभा जैसी महत्वाकांक्षी सभा को घरों में ही बैठ कर खानापूर्ति किया गया है. गरीबों का खाद्य सुरक्षा अधिनियम में नाम नहीं रहने से अनुसूचित जाति तथा कई गरीब लोग इस लाभ से वंचित रह जाएंगे. अगर ग्राम सभा जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी सांमज्सय बैठा कर करते तो पंचायत का पूर्ण विकास होता. पंचायत की मुख्य समस्या स्वास्थ्य के साथ ही पेयजल की भी है.पूर्ण अधिकार नहीं मिलना बड़ा कारण : मुखियाईटाय पंचायत के मुखिया जयशंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि अपने पांच साल के कार्यकाल में विकास के कई कार्य करवाए हैं, पर राज्य सरकार के द्वारा पूर्ण अधिकार व शक्ति नहीं मिलने के कारण कई कार्य अधूरे रह गए. मनरेगा जैसी योजनाओं का भी लाभ के लिए प्रशासनिक स्वीकृति लेनी पड़ती थी. इसके बावजूद सरकार द्वारा जो भी योजनाएं तथा राशि जैसे 13वें वित्त आयोग, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पंचायत में सड़क निर्माण के साथ ही मानपुर, बिशनेडीह, ईटाय आदि गांवों में पूर्व मंत्री अन्नपूर्णा देवी के सहयोग से सड़क निर्माण कराया. मोहनपुर में जेरेडा के तहत सौर ऊर्जा से प्रत्येक घर में रौशनी पहुंचाने का कार्य किया है. साथ ही वृद्धा पेंशन, इंदिरा आवास आदि का लाभ भी लोगों को दिलाया गया है.मुखिया ने मनमाने तरीके से किया काम : चंद्रशेखर प्र. सिंहपिछले पंचायत चुनाव में उम्मीदवार रहे चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने कहा कि मुखिया ने मनमाने तरीके से काम किया है. सिर्फ अपने लोगों को लाभ पहुंचाया गया है. योजनाओं का काम भी सही तरीके से नहीं हुआ है. मुखिया ने ग्राम सभा तक अपने धर में ही कराया. योजनाओं का लाभ कुछ लोगों तक ही सिमट कर रह गया है.
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