दो गांवके विवाद में बच्चों को नुकसान
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पकरिया गांव से 2008 से बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं उत्क्रमित प्रावि तेतरिया में पारा शिक्षक दो, 32 बच्चे नामांकित, उपस्थित 17 भवन निर्माण को लेकर तेतरिया-पकरिया के ग्रामीणों के बीच विवाद चौपारण : प्रखंड में शिक्षा का हाल बदहाल है. मंगलवार को प्रभात खबर के प्रतिनिधि उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तेतरिया-पकरिया पहुंचे. समय सुबह […]
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पकरिया गांव से 2008 से बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं
उत्क्रमित प्रावि तेतरिया में पारा शिक्षक दो, 32 बच्चे नामांकित, उपस्थित 17
भवन निर्माण को लेकर तेतरिया-पकरिया के ग्रामीणों के बीच विवाद
चौपारण : प्रखंड में शिक्षा का हाल बदहाल है. मंगलवार को प्रभात खबर के प्रतिनिधि उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तेतरिया-पकरिया पहुंचे. समय सुबह 10.45 बजे का था. स्कूली बच्चे घर जाने के लिए बरामदे में शिक्षकों के साथ खड़े थे. शिक्षकों ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति कलाम साहब के निधन को लेकर समय से पूर्व स्कूल बंद किया जा रहा है. जब पूछा गया कि किसने ऐसा आदेश दिया है. फिर सभी बच्चों को स्कूल के एक कमरे में बैठाया गया.
उसके बाद मध्याह्न् भोजन बनने की तैयारी होने लगी. स्कूल के रजिस्टर में 32 बच्चों का नामाकंन है. जबकि मात्र 17 बच्चे ही स्कूल आये थे. जिन्हें सचिव सह प्रधानाध्यापिका बेबी कुमारी एवं सहायक शिक्षक राम प्रवेश राम पढा रहे थे.
एक ही गांव के बच्चे आते हैं स्कूल : तेतरिया एवं पकरिया गांव को मिला कर इस विद्यालय की स्थापना की गयी थी. 2008 के पहले विद्यालय में दोनों गांव से 70 बच्चे पढाई करने आते थे.
इसी बीच भवन निर्माण को लेकर दोनों गांवों के बीच विवाद हो गया. उसके बाद पकरिया गांव से एक समुदाय के बच्चे स्कूल आना बंद कर दिये हैं. कई बार समाज के लोगों द्वारा मामले के समाधान का प्रयास किया गया. मगर उस समुदाय के लोग मानने को तैयार नही हुए.
शिक्षकों द्वारा दिये जमीन पर बना है भवन : उन दोनों गांवों के बीच सरकारी जमीन नहीं रहने पर विद्यालय में सेवारत पारा शिक्षकों द्वारा भूमिदान दिया गया है. तब इस गांव में विद्यालय भवन का निर्माण हो सका है.
कई विद्यालय बिना आदेश के हुए बंद: मंगलवार को मध्य विद्यालय झापा एवं उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सुज्जी सहित कई विद्यालय समय के पूर्व बिना सरकारी आदेश के बंद कर दिये गये. कई विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति भी कम थी.
मवि सोहरा में नामित बच्चे 153, उपस्थित 80, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हथिंदर नामित बच्चे 96, उपस्थित 55, मध्याह्न् भोजन 15 दिनों से बंद, उमवि बारा छत्रपुरा नामित बच्चे 170, उपस्थित 111 थे.
भौतिक सर्वे किया जा रहा है: बीइइओ अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि किसी भी विद्यालय के संचालन में 25 से 30 बच्चों का होना अनिवार्य है. तेतरिया-पकरिया के बीच का मामला सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है.
सरकार के आदेशानुसार वैसे उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जहां बच्चों की संख्या कम है, उसका भौतिक सर्वेक्षण कराया जा रहा है. सर्वेक्षण के बाद नियम संगत कार्रवाई की जायेगी. बिना आदेश के समय के पूर्व विद्यालय बंद होने की सूचना मिली है. जांच के बाद विद्यालय के शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा जायेगा.
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