आइआइटी व मेडिकल में हर वर्ष जा रहे हैं मुनअम के विद्यार्थी

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सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाके बिहार व झारखंड के सीमा पर स्थित इस आवासीय विद्यालय की राज्य में अलग पहचान हजारीबाग : मुनअम पब्लिक स्कूल महाराजगंज हजारीबाग से आइआइटी एवं विभिन्न राज्यों के इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कई विद्यार्थी उत्कृष्ट स्थान ला कर सफल हुए हैं. आइआइटी में उत्कर्ष राज ने देश स्तर पर पांचवां […]

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सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाके बिहार व झारखंड के सीमा पर स्थित इस आवासीय विद्यालय की राज्य में अलग पहचान
हजारीबाग : मुनअम पब्लिक स्कूल महाराजगंज हजारीबाग से आइआइटी एवं विभिन्न राज्यों के इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कई विद्यार्थी उत्कृष्ट स्थान ला कर सफल हुए हैं. आइआइटी में उत्कर्ष राज ने देश स्तर पर पांचवां स्थान प्राप्त कर विद्यालय, हजारीबाग व झारखंड का नाम रोशन किया. पुष्प राज, ऋतिक, कार्तिक और कुमार यशस्वी समेत कई विद्यार्थी सफल हुए.
हजरत मुनअम पाक तालिमी मिशन के तहत हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के महाराजगंज में मुनअम पब्लिक स्कूल की शुरुआत 1995 में की गयी थी. सीबीएसइ द्वारा मान्यता प्राप्त मुसलिम अल्पसंख्यक संस्थान के रूप में संचालित मुनअम पब्लिक स्कूल झारखंड राज्य में आधुनिक व मॉडल स्कूल बन गया है. स्कूल में सीबीएसइ से मान्यता प्राप्त 12वीं बोर्ड तक की पढ़ाई होती है.
स्कूल ग्रामीण क्षेत्र की शैक्षणिक स्तर सुधारने में काफी कारगर साबित हुआ है. संस्था के सचिव मतिनुल हसन शिक्षा की रोशनी फैला कर समाज में अलग पहचान बनाये हैं. मुनअम पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के सर्वागीन विकास के लिए हर स्तर पर प्रबंधन द्वारा ध्यान दिया जाता है. सीबीएसइ 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में विद्यार्थियों का लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन विद्यालय को अलग पहचान दिलाया. इस विद्यालय में करीब दो हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं.
आवासीय सुविधा भी यहां उपलब्ध है. हर विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को पाठयक्रम पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा कराते हैं. इस विद्यालय के वार्षिक व विभिन्न कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविद, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और न्यायिक पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया है. इसमें जस्टिस एमवाइ इकबाल उच्चतम न्यायालय नयी दिल्ली, राज्यपाल सैय्यद अहमद, एआर किदवई, मंत्री सीपी चौधरी, विधायक मनोज यादव, राजेंद्र सिंह, ब्रजकिशोर जायसवाल, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष शाहिद अख्तर समेत कई गण्यमान्य लोगों ने भाग लिया है.
संस्था के सचिव मतिनुल हसन 1978 में व्यवहार न्यायालय में सेवा दी. हमेशा से सुदूरवर्ती इलाकों के निर्धन मेधावी विद्यार्थियों को व समाज के दबे-कुचले परिवार के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए तत्पर रहे हैं. राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े रहने के बावजूद शैक्षणिक क्षेत्रों में हमेशा संघर्षशील रहे. कौमी एकता व राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत होकर सामाजिक उत्थान के कार्यो में हर वर्ग का सहयोग लिया. पूर्व के अनुभव चाहे फिल्मी क्षेत्र में निर्देशन, लेखन का हो, सभी अनुभव का इस्तेमाल किया. इन्हें कई बार सम्मानित किया गया है.
संस्थान के कोषाध्यक्ष समसुल आर्फिन भी शिक्षण संस्थानों को आगे बढ़ाने में हर कदम पर सहयोग दे रहे हैं. प्राचार्य वकील अहमद, उप प्राचार्य एहसानुल हक, प्रबंधक आराफात हसन संस्था के सचिव मतिनुल हसन के मार्गदर्शन में काम करके गौरवान्वित महसूस करते हैं. कुशल नेतृत्व की सराहना करते हैं.
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