प्रथम प्रयास में आइएएस बना शशांक

Updated at : 09 Apr 2019 1:36 AM (IST)
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प्रथम प्रयास में आइएएस बना शशांक

हजारीबाग : जिले के चौपारण प्रखंड के दैहर निवासी शशांक ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में अपने प्रथम प्रयास में आइएएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर गुरुकुल कोचिंग संस्थान व हजारीबाग जिला को गौरवान्वित किया है. शशांक की सफलता से ग्रामीण प्रतियोगी विद्यार्थियों के साथ-साथ आइएएस की तैयारी कर रहे अन्य विद्यार्थियों के […]

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हजारीबाग : जिले के चौपारण प्रखंड के दैहर निवासी शशांक ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में अपने प्रथम प्रयास में आइएएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर गुरुकुल कोचिंग संस्थान व हजारीबाग जिला को गौरवान्वित किया है.

शशांक की सफलता से ग्रामीण प्रतियोगी विद्यार्थियों के साथ-साथ आइएएस की तैयारी कर रहे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है. प्रतियोगी विद्यार्थियों के हित में प्रभात खबर द्वारा आइएएस में सफल शशांक से बातचीत की गयी, जिसमें उन्होंने प्रभात खबर के साथ सफलता के प्रेरक तत्वों पर विस्तृत बातचीत की.

सवाल: आप अपनी शैक्षणिक पृष्ठ भूमि के संबंध में बतलायें?

जवाब: मेरे पिता अशोक कुमार सिन्हा कोल इंडिया में इंजीनियर व माता नीलिमा कुमारी सरकारी शिक्षिका है. मेरी माता ने बचपन से यह सपना पाल रखा था कि वह मुझे आइएएस बनायेगी. इसलिए जब मैं मैट्रिक में था, तो मेरी माता मुझे प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रेरित करती थी. करेंट अफेयर्स की मैगजीन बाजार से लाकर मुझे देती थी. यूपीएससी के पूर्व मैंने आइआइटी की परीक्षा में सफलता प्राप्त की.

सवाल: आइएएस की परीक्षा में आपके वैकल्पिक विषय क्या थे?

जवाब: विज्ञान पृष्ठ भूमि के बावजूद मैंने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान विषय को रखा. इस विषय में मेरे अंक मुख्य परीक्षा में काफी अच्छे आये.

सवाल: आपने किन-किन पुस्तकों का अध्ययन किया?

जवाब: एनसीइआरटी की कक्षा छह से 12वीं तक के इतिहास, भूगोल, राज व्यवस्था, विज्ञान, अर्थशास्त्र का मैंने व्यापक व विस्तृत अध्ययन किया तथा करेंट अफेयर्स के लिए मैंने प्रतिदिन एक हिंदी व एक अंग्रेजी समाचार पत्र का अध्ययन किया. टीएमएच की गाइड का अध्ययन भी लाभकारी रहा.

सवाल: आपका कौन सा प्रयास था?

जवाब: यह मेरा प्रथम प्रयास था. प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने के बाद मैंने मुख्य परीक्षा के लिए रणनीति बनायी. क्या पढ़े क्या छोड़े की रणनीति मेरे लिए कारगर साबित हुई.

सवाल: अन्य प्रतियोगी विद्यार्थियों को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

जवाब: आइएएस की परीक्षा देश की सबसे उच्च प्रशासनिक सेवा की परीक्षा होती है. अत: इसकी तैयारी के लिए एकाग्रता, जोश, जज्बा, जुनून के साथ धैर्य की भी जरूरत होती है. मैं अभिभावकों से यह अपील करना चाहूंगा कि इस प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे अपने बच्चों को हमेशा प्रेरित करते रहे व उन्हें कभी भी नकारात्मक बातें न कहें. सफलता निश्चित मिलेगी.

सवाल: साक्षात्कार में आपसे किस प्रकार के सवाल पूछे गये?

जवाब: साक्षात्कार में मुझसे मेरी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, मेरे गृह क्षेत्र, मेरी रुचि, आइएएस बनने के बाद समाज के प्रति मेरी जिम्मेदारी, देश की अर्थव्यवस्था, राजनीति विज्ञान व झारखंड से संबंधित प्रश्न पूछे गये.

सवाल: सफलता का श्रेय आप किसे देना चाहेंगे?

जवाब: ईश्वर की अनुकंपा, माता-पिता का आशीर्वाद, गुरुकुल के निदेशक जेपी जैन, मार्गदर्शक संजय सिन्हा व शिक्षकों की टीम के साथ यूपीएससी में सफल अधिकारी आकाश जैन के साथ अपने मित्रों को, जिन्होंने सदैव मुझे सही रास्ता दिखाया व प्रेरित किया.

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