राजनीति जब राजधर्म बनेगी, तभी देश में आयेगा बदलाव : सरस्वती
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Sep 2017 12:42 PM (IST)
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टंडवा: राजनीति जब राजधर्म बन जायेगी, तभी देश में बदलाव आयेगा और तभी गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लग पायेगा. धर्म व आस्था के नाम पर गुंडागर्दी ठीक नहीं है, लेकिन गोहत्या पर रोक जान पर खेल कर लगायें. उक्त बातें टंडवा गणेश महोत्सव में पहुंची अंतरराष्ट्रीय रामकथा वक्ता साध्वी सरस्वती ने पत्रकारों से बातचीत के […]
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टंडवा: राजनीति जब राजधर्म बन जायेगी, तभी देश में बदलाव आयेगा और तभी गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लग पायेगा. धर्म व आस्था के नाम पर गुंडागर्दी ठीक नहीं है, लेकिन गोहत्या पर रोक जान पर खेल कर लगायें. उक्त बातें टंडवा गणेश महोत्सव में पहुंची अंतरराष्ट्रीय रामकथा वक्ता साध्वी सरस्वती ने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में कही.
साध्वी सरस्वती टंडवा में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करने पहुंचीं हैं. उन्होंने कहा कि आज हिंदुओं की संस्कृति को धर्मांतरण, जिहादी हमले व लव जिहाद से खतरा है. पाकिस्तान हमारे देश पर हमला करता है.
सैनिकों का सर कलम कर ले जाता है. बंगाल में हिंदुओं की हत्या हो रही है. केरल में बीच सड़क पर गोहत्या की जाती है. ऐसी वारदातों को रोकने के लिए कड़े कानून बनने चाहिए. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मदरसों का नामकरण हिंदी में करने का वे समर्थन करतीं हैं. कहा कि भगवान ने चाहा तो अब जल्द राम मंदिर बन जायेगी. योगी सरकार से सकारात्मक उम्मीद है. ढोंगी बाबाओं के सवाल पर कहा कि वे किसी को नसीहत नही देंगी, लेकिन इतना कहेंगी कि भारत में कानून है. जहां अच्छे कार्य के लिए पुरस्कार, तो बुरे कार्य के लिए सजा मिलती है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के कार्यों की सराहना की. कहा कि युवा भारत के नींव हैं. उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को बेहतर संस्कार देने की अपील की.
उन्होंने बंगाल से बंग्लादेशियों को खदेड़ने की वकालत करते हुए कहा कि सीमा पर कड़े कानून बनाने चाहिए, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति भारत में नहीं घुस सके. ऐसा नहीं हुआ तो एक दिन कश्मीर आइएसआइ का अड्डा बन जायेगा और हिंदुओं के पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा. हर हिंदू को अपने घर में तुलसी और गाय जरूर रखना चाहिए. झारखंड की तारीफ करते हुए कहा कि सुंदर संस्कृति, वीरों की धरती , बिरसा की तपोभूमि, आदिवासियों के बलिदान की धरती से हमें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला है.
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