Jharkhand News : प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से बदली फिजा, पहली बार इन विरले पक्षियों का हुआ दीदार

हर साल ठंड के मौसम में कई प्रकार के प्रवासी पक्षी आते हैं. लगभग चार माह प्रवास करते हैं. पहली बार यहां कुछ नये मेहमान पक्षियों का आगमन हुआ है.
Jharkhand News : झारखंड के गुमला जिले में प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट (chirping of migratory birds) से हवाओं में संगीत का एहसास हो रहा है. जंगल, डैम एवं दलदली क्षेत्रों में प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो गया है. हर साल ठंड के मौसम में एक नहीं, बल्कि कई प्रकार के प्रवासी पक्षी आते हैं. लगभग चार माह तक जिले में प्रवास करते हैं. हालांकि पहली बार यहां कुछ नये मेहमान पक्षियों का आगमन हुआ है. इनमें रेड क्रिस्टेड पोचार्ड, नॉर्थर्न सोवेलर एवं रूडी शेलडक हैं. इस साल इन पक्षियों को घाघरा प्रखंड के मसरिया जलाशय में देखा गया है. पढ़िए जगरनाथ पासवान की रिपोर्ट.
गुमला जिले के जंगलों में प्रवासी पक्षियों (migratory birds in gumla) के आने का मुख्य कारण यह है कि ठंड के मौसम में यहां के जंगल के बाहर और अंदर का हिस्सा उनके अनुकूल रहता है. इसके साथ ही भोजन और पानी की सुविधा भी है. इसके अतिरिक्त जंगल अथवा जंगल के समीप से होकर बहने वाली नदी के पानी व उसके इर्द-गिर्द रहने वाले कीट भी उनके भोजन की कमी को दूर करते हैं.
गुमला के डीएफओ श्रीकांत कहते हैं कि ठंड के मौसम में गुमला जिला में कई तरह के प्रवासी पक्षी आते हैं. मौसम जब तक उनके अनुकूल रहता है. तब तक रहने के बाद वे चले जाते हैं. ऐसे तो सालोंभर प्रवासी पक्षियों का आना-जाना लगा रहता है, परंतु इस ठंड के मौसम में जो प्रवासी पक्षी आते हैं. वे बहुत ही विरले (rare birds) नजर आते हैं. वहीं इस साल पहली बार कुछ नये पक्षी भी आये हैं, जो यहां पहले कभी नहीं देखे गये थे.
Posted By : Guru Swarup Mishra
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