गुमला में राज्य का पहला फिसरी कॉलेज, शुरू होने का है इंतजार

Updated at : 23 Sep 2020 8:09 PM (IST)
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गुमला में राज्य का पहला फिसरी कॉलेज, शुरू होने का है इंतजार

Jharkhand news, Gumla news : झारखंड का पहला फिसरी कॉलेज गुमला में खुलना है. इसके लिए गुमला शहर के जशपुर रोड स्थित काली मंदिर के सामने कॉलेज का भवन बन रहा है, लेकिन यह अधूरा है. भवन कब पूरा होगा. इसका जवाब किसी के पास नहीं है. यहां पानी की भी समस्या जैसी सूचना मिली है. इस कॉलेज में शिक्षक की प्रतिनियुक्ति भी नहीं हुई है. यहां कब पढ़ाई शुरू होगी. अभी कहा नहीं जा सकता है.

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Jharkhand news, Gumla news : गुमला (दुर्जय पासवान) : झारखंड का पहला फिसरी कॉलेज गुमला में खुलना है. इसके लिए गुमला शहर के जशपुर रोड स्थित काली मंदिर के सामने कॉलेज का भवन बन रहा है, लेकिन यह अधूरा है. भवन कब पूरा होगा. इसका जवाब किसी के पास नहीं है. यहां पानी की भी समस्या जैसी सूचना मिली है. इस कॉलेज में शिक्षक की प्रतिनियुक्ति भी नहीं हुई है. यहां कब पढ़ाई शुरू होगी. अभी कहा नहीं जा सकता है.

गुमला के छात्रों को कॉलेज शुरू होने का इंतजार है. हालांकि, अधूरे भवन एवं शिक्षक के नहीं रहने के कारण फिलहाल फिसरी कॉलेज के नाम पर छात्रों का नामांकन रांची पशुचिकित्सा संकाय (Ranchi Veterinary Faculty) में कराकर पढ़ाई करायी जा रही है. लेकिन, इसमें सीमित छात्र ही पढ़ पा रहे हैं. कॉलेज शुरू कराने की मांग को लेकर लगातार आवाज उठ रही है.

कॉलेज निर्माण को लेकर 8 साल हो गये, लेकिन गुमला में कॉलेज शुरू नहीं हो सकी है. हालांकि, मत्स्य विभाग के सचिव के अनुसार वर्ष 2018 के अप्रैल महीने तक फिसरी कॉलेज शुरू करने की योजना थी. लेकिन, अभी तक शुरू नहीं हुआ. भवन पूरा नहीं होने एवं पानी की समस्या को लेकर इस साल भी कॉलेज शुरू होने की उम्मीद कम है.

बता दें कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण भवन अभी तक पूरा नहीं हुआ है. खिड़की एवं दरवाजे नहीं लगे हैं. जमीन का प्लास्टर नहीं किया गया है. भवन में और भी कई काम है, जिसे पूरा नहीं किया गया है. अगर इसे जल्द चालू नहीं किया गया, तो यह खंडहर में तब्दील हो जायेगा.

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सांसद ने सीएम को लिखे पत्र

सांसद सुदर्शन भगत ने फिसरी कॉलेज शुरू करने की मांग को लेकर सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखे हैं. सांसद ने कहा है कि हमारा राज्य जनजातीय क्षेत्र है. राज्य से रोजगार के लिए काफी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं. इसका मुख्य कारण स्थानीय स्तर पर कृषि कार्यों में अवसरों की कमी एवं रोजगार का अभाव है. क्षेत्र में कौशल शिक्षा नहीं मिलने के कारण यहां के लोग देश के विभिन्न राज्यों में मजदूरी करने को विवश हैं.

वर्ष 2011-2012 में झारखंड सरकार द्वारा गुमला में फिसरी कॉलेज खोलने के घोषणा की थी. कॉलेज का भवन अब पूरा हो चुका है, लेकिन शिक्षण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सकी है. कॉलेज के प्राचार्य से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉलेज परिसर में पानी एवं सामान्य जलाभाव है. जिस कारण कॉलेज शुरू नहीं हो पा रही है. सांसद ने सीएम से कॉलेज शुरू करने के लिए पहल करने की मांग की है. सांसद ने कहा है कि गुमला जिला के समीप में छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्य पड़ता है. ऐसे में कॉलेज शुरू होने से इस क्षेत्र में झारखंड के अलावा ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़ राज्य के छात्र एवं किसान भी लाभांवित होंगे.

कोरेंटिन सेंटर के कारण कॉलेज का निर्माण कार्य रूका : मत्स्य पदाधिकारी

गुमला के मत्स्य पदाधिकारी ने एसडीओ गुमला को फिसरी कॉलेज के वर्तमान स्थिति की जानकारी दिये हैं. मत्स्य पदाधिकारी ने कहा है कि फिसरी कॉलेज 2011-2012 में अनुमोदित हुआ है. इस कॉलेज का निर्माण बिरसा कृषि विवि रांची द्वारा किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में जिला प्रशासन गुमला द्वारा सीआरपीएफ बल के लिए कोविड-19 कोरेंटिन सेंटर बनाया गया है. जिसके कारण अभी महीनों से कॉलेज का निर्माण कार्य बंद है. अगर कॉलेज का काम शुरू हो, तो तीन से चार महीनों में काम पूर्ण हो जायेगा. वर्तमान समय में यह कॉलेज रांची पशुचिकित्सा संकाय के भवन में संचालित है.

Posted By : Samir Ranjan.

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