विद्यालय भवन जर्जर, पीने के लिए पानी भी नहीं

1 गुम 2 में जर्जर स्कूल भवन | Prabhat Khabar Network
गुमला के कठगांव मध्य विद्यालय का भवन जर्जर है और पीने के पानी की भारी किल्लत है। बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर हैं। प्रशासन से मदद की गुहार लगाई गई है।
डुमरी: गुमला के डुमरी प्रखंड अंतर्गत जुरमू पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय कठगांव का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. विद्यालय में स्वच्छ पेयजल की भी व्यवस्था नहीं रहने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
भवन की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों को बरामदे और एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाई करायी जा रही है. विद्यालय प्रबंधन की ओर से कई बार बीआरसी को आवेदन दिया गया है. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
विद्यालय की एचएम शिक्षिका मंजू टोप्पो ने बताया कि विद्यालय में बच्चों की संख्या 60 है, जबकि दो सरकारी और एक पारा शिक्षक हैं. इस जर्जर भवन में बच्चों को जान जोखिम में डालकर पढ़ाना पड़ रहा है. विद्यालय का एक भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. क्षतिग्रस्त भवन की छत का प्लास्टर लगातार झड़ रहा है.
भवन के पीछे जलजमाव रहने से पानी कमरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है. कई खिड़कियां भी टूट चुकी हैं. उन्होंने बताया कि जगह की कमी के कारण कक्षा एक एवं दो के विद्यार्थियों को बरामदा, कक्षा तीन, चार और पांच के विद्यार्थियों को एक कमरे में तथा कक्षा छह, सात और आठ के विद्यार्थियों को एकसाथ दूसरे कमरे में बैठाकर पढ़ाई करायी जा रही है.
उन्होंने बताया कि भवन की मरम्मती के लिए अब तक सरकार की ओर से कोई राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी है. विद्यालय परिसर स्थित चापाकल से गंदा पानी निकलता है, जो पीने योग्य नहीं है. चापाकल के पानी का उपयोग हाथ, बर्तन धोने और शौचालय में प्रयोग किया जाता है.
विद्यालय में पानी की समस्या के कारण मध्याह्न भोजन बनाने और बच्चों के पीने के लिए बाहर से पानी लाना पड़ता है. इससे विद्यालय संचालन में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. विद्यालय की शिक्षिका ने प्रखंड अध्यक्ष सह मुखिया प्रदीप मिंज से विद्यालय में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की गयी है.
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लेखक के बारे में
By दुर्जय पासवान
दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.
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