दिल्ली लक्ष्मी योजना का पोर्टल शुरू: महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये, जानिए कौन है पात्र और किसे नहीं मिलेगा लाभ

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और गोल घेरे में महिलाएं, फोटो एक्स
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार 1 अगस्त को 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर दिया है. इस योजना के तहत दिल्ली की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. पोर्टल के शुरू होने के साथ ही इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है.
लॉन्चिंग के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "दिल्ली लक्ष्मी योजना एक ऐसी योजना है जो दिल्ली की बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी. सरकार ने इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. इसका पोर्टल आज से शुरू हो गया है और पंजीकरण भी शुरू हो चुका है."
पोर्टल शुरू होने के कुछ ही समय के भीतर 500 महिलाओं ने किया आवेदन
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पोर्टल शुरू होने के कुछ ही समय के भीतर लगभग 500 महिलाएं इस पर सफलतापूर्वक अपने आवेदन दर्ज करा चुकी हैं.
कैबिनेट की मंजूरी और चुनावी वादा
मंगलवार 28 जुलाई को ही दिल्ली मंत्रिमंडल ने इस योजना को अपनी औपचारिक मंजूरी दी थी. यह योजना पिछले साल संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल थी, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है.
पात्रता के मुख्य नियम और शर्तें
- आयु सीमा: महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
- पारिवारिक आय: परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए.
किसे नहीं मिलेगा लाभ?
- जो महिलाएं किसी अन्य वित्तीय सहायता योजना या पेंशन का लाभ ले रही हैं.
- आयकर दाता और सरकारी कर्मचारी महिलाएं या जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है.
- जिन परिवारों की वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है.
- परिवार में तीन या उससे अधिक बच्चे होने पर.
- यदि परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है.
- यदि परिवार के पास चार पहिया वाहन मौजूद है.
सहायता राशि का भुगतान और एफडी नियम
योजना के तहत मिलने वाली कुल 2,500 रुपये की मासिक सहायता राशि के वितरण को लेकर विशेष प्रावधान किया गया है.
- कुल राशि में से 1,500 रुपये प्रत्येक माह तीन साल के लिए सावधि जमा (एफडी) में निवेश किए जाएंगे.
- यह एफडी राशि तीन साल की अवधि पूरी होने से पहले निकाली नहीं जा सकेगी.
- इस प्रकार, महिलाओं को हर महीने सीधे तौर पर उपयोग के लिए 1,000 रुपये नकद प्राप्त होंगे.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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