15 लाख का इनामी पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा मुठभेड़ में ढेर, दिनेश गोप के बाद बना था सुप्रीमो

पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा हुआ पुलिस की गोलियों का शिकार.
PLFI Supremo Killed in Encounter: गुमला पुलिस ने 15 लाख रुपए के इनामी पीएलएफआई के स्वयंभू सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा को मुठभेड़ में मार गिराया है. गुप्त सूचना के आधार पर गुमला के एसपी ने एक विशेष टीम का गठन करते हुए यह कार्रवाई की. जंगल में पुलिस ने उग्रवादियों की घेराबंदी शुरू की, तो केरकट्टा और उसके दस्ते के सदस्यों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह पुलिस की गोलियों का शिकार हो गया.
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PLFI Supremo Killed in Encounter| गुमला, दुर्जय पासवान : गुमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा को मुठभेड़ में मार गिराया है. हालांकि, आधा दर्जन उग्रवादी भागने में सफल रहे. 2 अन्य उग्रवादियों को भी गोली लगने की सूचना है. मारे गये मार्टिन पर झारखंड पुलिस ने 15 लाख रुपए का इनाम रखा था. सभी उग्रवादी गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र के पारही जंगल के समीप जुटे थे. मुठभेड़ पारही जंगल के चंगाबाड़ी में मंगलवार की रात को हुई.
पारही जंगल में पुलिस ने की उग्रवादियों की घेराबंदी
इसकी सूचना गुमला पुलिस को मिल गयी. तुरंत एक टीम का गठन किया गया. इसका नेतृत्व गुमला एसपी हरीश बिन जमां और बसिया एसडीपीओ मोहम्मद नजीर अख्तर कर रहे थे. इस अभियान में उग्रवादियों से मुठभेड़ के लिए एक विशेष टीम भी थी. पुलिस टीम पारही जंगल में घुसी और उग्रवादियों की घेराबंदी शुरू कर दी. पारही जंगल में कैंप बनाकर रह रहे उग्रवादियों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी.
PLFI Supremo Killed: एक घंटे तक चली मुठभेड़
इसके बाद गुमला पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और एक घंटे तक चली मुठभेड़ में पुलिस ने मार्टिन केरकेट्टा को मार गिराया. अन्य उग्रवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले. पुलिस अभी भी इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है, क्योंकि एक दर्जन से अधिक उग्रवादी मार्टिन के साथ थे और मुठभेड़ के बाद सभी इधर-उधर भागे हैं. पुलिस उग्रवादियों की घेराबंदी करने में लगी हुई है.
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दिनेश गोप के बाद बन गया था स्वयंभू पीलएफआई सुप्रीमो
दिनेश गोप के पकड़े जाने के बाद मार्टिन केरकेट्टा स्वयंभू पीएलएफआई का सुप्रीमो बन बैठा था. एक साल पहले खूंटी और गुमला के सीमावर्ती जंगल में पीएलएफआई की एक बड़ी बैठक हुई थी. इसमें झारखंड, बिहार, ओडिशा, बंगाल और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अलग-अलग कमेटी का गठन किया गया था. इसमें सर्वसम्मति से मार्टिन केरकेट्टा को सुप्रीमो चुना गया था. इसके बाद खुद मार्टिन ने व्हाट्सऐप के माध्यम से कमेटी विस्तार संबंधी प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी.
नरसंहार सहित कई घटनाओं को दिया था अंजाम
मार्टिन केरकेट्टा संगठन में रहते हुए कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. इसमें कामडारा इलाके में नरसंहार की भी घटना भी शामिल है. वह कई बार पुलिस के साथ मुठभेड़ में बच निकला था. कामडारा में 3 साल पहले जब जोनल कमांडर गुज्जू गोप मारा गया था, तब मार्टिन बच निकला था.
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एसपी ने योगदान देते ही केरकेट्टा के पीछे लगा दिया था खुफिया तंत्र
उधर, एसपी हरीश बिन जमां ने जैसे ही गुमला में योगदान दिया, उन्होंने मार्टिन केरकेट्टा के दस्ते के बारे में पता करने के लिए खुफिया तंत्र को लगा दिया. इसलिए मंगलवार की रात जैसे ही एसपी को सूचना मिली. तुरंत पुलिस की टीम का गठन कर मार्टिन को मुठभेड़ में मार गिराया.
टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने दर्ज किया है केस
कामडारा थाना के रेड़वा गांव निवासी मार्टिन केरकेट्टा और दिनेश गोप बचपन से एक साथ लापुंग के महुगांव स्थित स्कूल में पढ़ाई करते थे. बाद में दोनों ने एक साथ संगठन का विस्तार किया. मार्टिन कई घटनाओं में दिनेश गोप के साथ शामिल रहा. सरकार ने उस पर 15 लाख रुपए का इनाम रखा था. टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने पीएलएफआई के कुख्यात मार्टिन केरकेट्टा पर केस दर्ज किया है.
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By Mithilesh Jha
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