गुमला. जमीन व पुल नहीं बचाये गये, तो होगी समस्या. शीर्षक से प्रभात खबर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने इस मामले में संज्ञान लिया है. यह मामला शहर के पालकोट रोड पुग्गू नदी व उसके समीप की सरकारी जमीन का है. नदी पर बने सरकारी पुल पर कूड़ा-कचरा फेंक कर उसे ढक दिया जा रहा है. साथ ही नदी के समीप स्थित जमीन पर दुकानें व पार्किंग बना ली गयी हैं. इस संबंध में बीते दिनों प्रभात खबर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गयी थी. साथ ही उक्त नदी के समीप स्थित जमीन की जांच कर उचित कार्रवाई किये जाने के संबंध में एक व्यक्ति द्वारा उपायुक्त गुमला को आवेदन सौंपा गया था. इसके आलोक में प्रशासन द्वारा इसकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा संज्ञान लिया गया. इसके बाद सदर अंचलाधिकारी हरीश कुमार को जांच संबंधी पत्र जारी किया गया, ताकि भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके. अतिक्रमण का यह मामला एनएच पथ का है. इसलिए अंचलाधिकारी द्वारा उच्च पथ प्रमंडल गुमला के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखा गया है. पत्र के माध्यम से पालकोट रोड गुमला नदी के समीप खाता नंबर 45, प्लॉट नंबर 1386 व 1384 में एनएच द्वारा अधिग्रहित भूमि का स्थल जांच कर उक्त दोनों प्लॉटों में हुए अतिक्रमण भूमि का सत्यापन आपके स्तर से करा कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके. अंचलाधिकारी हरीश कुमार ने बताया कि पुग्गू पुल के समीप 30 डिसमिल से भी अधिक रैयती जमीन है, जिसमें से आठ डिसमिल जमीन को रैयत से एनएच द्वारा अधिग्रहण किया गया है, जबकि कुछ लोगों द्वारा नौ डिसमिल जमीन की रैयत से खरीदी गयी है. इसके बाद वहां भी रैयत की शेष जमीन है. यदि खरीदी गयी जमीन व शेष जमीन के अलावा एनएच जमीन पर अतिक्रमण किया गया है, तो उसे अतिक्रमण से मुक्त कराया जायेगा. इसकी जांच के लिए एनएच को पत्र लिखा गया है. एनएच से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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