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Jharkhand Budget Session 2021 : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गुमला विधायक भूषण तिर्की ने शहीद तेलंगा खड़िया और खड़िया जनजातियों के लिए की ये मांग

Updated at : 03 Mar 2021 3:20 PM (IST)
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Jharkhand Budget Session 2021 : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गुमला विधायक भूषण तिर्की ने शहीद तेलंगा खड़िया और खड़िया जनजातियों के लिए की ये मांग

Jharkhand Budget Session 2021, Gumla News, गुमला (दुर्जय पासवान) : झारखंड सरकार ने आज बुधवार (3 मार्च, 2021) को वित्तीय वर्ष 2021- 22 का बजट पेश किया. वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने 91,270 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इस दौरान शून्य काल में सदन में गुमला विधायक भूषण तिर्की ने अंग्रेजों से लड़ने व जमींदारी प्रथा के खिलाफ आवाज उठाने वाले वीर शहीद तेलंगा खड़िया के नाम पर पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम रखने की मांग की.

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Jharkhand Budget Session 2021, Gumla News, गुमला (दुर्जय पासवान) : झारखंड सरकार ने आज बुधवार (3 मार्च, 2021) को वित्तीय वर्ष 2021- 22 का बजट पेश किया. वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने 91,270 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इस दौरान शून्य काल में सदन में गुमला विधायक भूषण तिर्की ने अंग्रेजों से लड़ने व जमींदारी प्रथा के खिलाफ आवाज उठाने वाले वीर शहीद तेलंगा खड़िया के नाम पर पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम रखने की मांग की.

विधायक भूषण तिर्की ने झारखंड विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के शून्य काल में कहा कि असनी गांव स्थित शहीद तेलंगा खड़िया का समाधि स्थल है. शहीद तेलंगा खड़िया के नाम पर एक भी स्कूल, कॉलेज व चौक चौराहा नहीं है. महान शहीद तेलंगा खड़िया के नाम पर गुमला जिला के तहत एक मात्र पॉलिटेक्निक कॉलेज का नामकरण करने के साथ ही कक्षा एक से प्लस टू तक खड़िया भाषा के शिक्षकों का पद सृजित करने की मांग की है.

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विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि राजधानी रांची में 2013 तक खड़िया जनजाति के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री हो रही थी. किसी कारण से वह बंद है. जिसे पुन: चालू करने की मांग की. वहीं खड़िया जनजातियों का जाति प्रमाण पत्र व रजिस्ट्री पर रोक लगी है. उसे पुन: शुरू कराने की मांग की है. विधायक ने कहा है कि तेलंगा खड़िया वीर सपूत हैं. उनकी जन्मस्थली सिसई प्रखंड का मुरगू गांव है, लेकिन जब वे शहीद हुए तो उन्हें असनी के चंदाली के समीप दफनाया गया. आज भी उनका समाधि स्थल चंदाली में है. ऐसे वीर सपूत को मान सम्मान मिले. इसके लिए जरूरी है कि तेलंगा के नाम से सड़क, कॉलेज का नाम हो, ताकि आने वाली पीढ़ी शहीद को याद कर सके. तेलंगा खड़िया के वंशज आज भी घाघरा गांव में रहते हैं. वंशजों को पूरा मान सम्मान मिले. इसके लिए सरकार काम कर रही है.

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झारखंड विधानसभा में विधायक द्वारा चार प्रमुख मांगें उठायी गयी हैं. कक्षा एक से प्लस टू तक खड़िया भाषा के शिक्षकों का पद सृजित हो, रांची में 2013 से बंद खड़िया जनजाति के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री शुरू हो, खड़िया जनजातियों का जाति प्रमाण पत्र व रजिस्ट्री पर लगी रोक हटायी जाए एवं शहीद तेलंगा के नाम पर स्कूल, कॉलेज व चौक चौराहा का नामकरण किया जाए.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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