गुमला. गुमला में ध्वनि प्रदूषण को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी सह दंडाधिकारी राजीव नीरज ने पत्र जारी किया है. पत्र में उन्होंने कहा है कि वर्तमान में वार्षिक माध्यमिक व इंटरमीडिएट कला, विज्ञान व वाणिज्य की परीक्षा 2025 के मद्देनजर संपूर्ण जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू है. जहां पर ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित है. ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग लाउडस्पीकर एक्ट में निहित प्रावधानों के तहत निर्धारित समय सीमा सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक है. इसमें निर्धारित ध्वनि सीमा के अंदर किया जाना है. इस निमित्त झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण पर कड़ाई से रोक लगाने का आदेश दिया गया है. परंतु गुमला शहर व उसके आसपास के क्षेत्रों में वर्तमान में ऐसा देखा जा रहा है कि किसी प्रकार के छोटे-छोटे समारोह अथवा पर्व के समय सार्वजनिक क्षेत्र अंतर्गत रात 10 बजे के बाद भी काफी तेज साउंड में लाउडस्पीकर व डीजे बजाया जा रहा है. ध्वनि प्रदूषण नियमों का घोर उल्लंघन किया जा रहा है. इससे विद्यार्थियों, हृदय रोग से पीड़ित मरीजों व अन्य मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एसडीओ ने गुमला शहर के सभी बुद्धिजीवी आमजनों से अपील की है कि गुमला शहर व उसके आसपास कही भी तेज साउंड में लाउडस्पीकर व डीजे बजाया जाता है, तो उसकी शिकायत थानेदार गुमला, सीओ गुमला, बीडीओ गुमला, नगर परिषद गुमला के प्रशासक से लिखित रूप से सूचित करें. ताकि संबंधित व्यक्ति, संस्था के विरुद्ध द नोवाइस पॉल्यूशन एक्ट 2000 के नियम तीन में वर्णित सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सके.
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