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Jharkhand News:अपहृत बुजुर्ग शनिचरवा का सुराग नहीं, पुलिस कर रही छापामारी, JJMP के नक्सलियों के खिलाफ FIR दर्ज

बुजुर्ग शनिचरवा के अपहरण के मामले में 12 नक्सलियों के खिलाफ पुलिस ने कुरूमगढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand News : अपहरण से नक्सल प्रभावित गांव कुटवां में दहशत
Jharkhand News : अपहरण से नक्सल प्रभावित गांव कुटवां में दहशत
प्रभात खबर

Jharkhand News : झारखंड के गुमला जिले के कुरूमगढ़ थाना के कुटवां गांव से वृद्ध शनिचरवा मुंडा को 15 दिन पहले जेजेएमपी के उग्रवादी (Naxalite news) घर से उठाकर ले गये थे. इसके बाद से शनिचरवा का सुराग नहीं मिल रहा है. इधर, कुरूमगढ़ थाना की पुलिस ने शनिचरवा को जेजेएमपी के उग्रवादियों से मुक्त कराने के लिए छापामारी अभियान शुरू कर दिया है. थाना प्रभारी रूपेश कुमार पुलिस बल के साथ कुटवां गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने शनिचरवा के परिजनों व ग्रामीणों से बात की. उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया. वहीं शनिचरवा के अपहरण के मामले में 12 नक्सलियों के खिलाफ पुलिस ने कुरूमगढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है.

शनिचरवा के पुत्र राजेश्वर मुंडा ने थाने में केस दर्ज कराया है. जिसमें उन्होंने जेजेएमपी के 12 उग्रवादियों (Naxalite news latest) को शनिचरवा के अपहरण में शामिल होने का आरोप लगाते हुए केस किया है. सात उग्रवादियों पर नामजद केस हुआ है. जिसमें जेजेएमपी के कमांडर रविंद यादव, ब्रजेश यादव, फिरोज अंसारी, पप्पू लोहरा, पवन उरांव, संतोष उरांव व अमृत शामिल हैं, जबकि पांच अज्ञात उग्रवादियों पर केस किया गया है. राजेश्वर मुंडा ने बताया है कि मेरे पिता के अपहरण की सूचना के बाद कुरूमगढ़ थाना की पुलिस पहुंची थी, परंतु उस समय वे टोटो गये हुए थे. टोटो से वापस आने के बाद थाने में जाकर सूचना दी. फिर केस दर्ज कराते हुए अपने पिता को खोजने की मांग की है. थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने कहा कि शनिचरवा के परिजनों का पुलिस ने बयान दर्ज कर केस कर दिया है. पुलिस लगातार उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चला रही है. बहुत जल्द उग्रवादियों के चंगुल से शनिचरवा को मुक्त कराया जायेगा.

कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र के इलाके में मोबाइल नेटवर्क (mobile network in jharkhand) नहीं है. जिस कारण आम जनता के अलावा सबसे ज्यादा परेशानी पुलिस को हो रही है. कुरूमगढ़ थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को अपने वरीय अधिकारियों से बात करने में दिक्कत होती है. यहां तक कि कई जवान महीनों तक अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात नहीं कर पाते हैं. खुद थाना के जवान कहते हैं कि हमें कुरूमगढ़ इलाके में ड्यूटी करने में परेशानी हो रही है. किसी भी इलाके में मोबाइल नेटवर्क नहीं है.

गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में जेजेएमपी (JJMP Naxalite news today) सबसे ज्यादा सक्रिय हैं. घाघरा में उग्रवादी ठहरते हैं. खाते-पीते हैं. कभी कभार बिशुनपुर, गुमला व चैनपुर के इलाके में घुसते हैं और फिर घाघरा में आकर अपने सेफ जोन में रहते हैं. सूत्रों के अनुसार जेजेएमपी में 12 से 15 उग्रवादी हैं. इसके बाद भी ये लोग लंबे समय से इस क्षेत्र में टिके हुए हैं और लेवी की वसूली कर रहे हैं. पुलिस के साथ अपवाद में एक या दो बार छोड़ दें तो जेजेएमपी की मुठभेड़ नहीं हुई है. इसलिए सवाल उठ रहा है कि इस उग्रवादी संगठन को पनाह कौन दे रहा है.

रिपोर्ट : दुर्जय पासवान

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