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पर्यावरण संरक्षण : गुमला में बढ़ रहे जंगल, 1.26 वर्ग किमी तक वन का हुआ फैलाव

Updated at : 03 Jun 2020 10:34 PM (IST)
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पर्यावरण संरक्षण : गुमला में बढ़ रहे जंगल, 1.26 वर्ग किमी तक वन का हुआ फैलाव

गुमला जिला में जंगल बढ़ रहे हैं. कई ऐसे इलाके हैं जहां कल तक सीमित जंगल था, वहीं आज घना जंगल हो गया है. जिले में 1.26 वर्ग किलोमीटर जंगल का फैलाव हुआ है.

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गुमला : गुमला जिला में जंगल बढ़ रहे हैं. कई ऐसे इलाके हैं जहां कल तक सीमित जंगल था, वहीं आज घना जंगल हो गया है. जिले में 1.26 वर्ग किलोमीटर जंगल का फैलाव हुआ है. पढ़ें जगरनाथ की रिपोर्ट.

गुमला जिले में 1.26 वर्ग किमी भू-भाग में वन क्षेत्र फैला है. भारतीय वन संस्थान देहरादून द्वारा 2019 में इंडियन स्टेट ऑफ फोरेस्ट रिपोर्ट का प्रकाशन किया गया था. जिसमें गुमला जिला में 5,360 वर्ग किमी में अति घनत्व जंगल का क्षेत्र है. इसी प्रकार 304.86 वर्ग किमी में मध्यम घनत्व जंगल और 551.32 वर्ग किमी में कम घनत्व वाला जंगल है.

इन जंगलों के किनारे-किनारे 1.26 वर्ग किमी के दायरे में स्वत: ही पेड़-पौधे निकलकर जंगल का रूप ले चुके हैं. इसके अलावा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा नयी पहल करते हुए नदियों के किनारे की जगहों पर भारी मात्रा में वृक्षारोपण कर जंगल का दायरा को बढ़ाया जा रहा है.

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इसके तहत वन विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 में दक्षिणी कोयल नदी के किनारे फलदार एवं इमारती लकड़ियों का 3,600 वृक्ष एवं वर्ष 2019-20 में शंख नदी के किनारे 21 हजार वृक्षारोपण किया गया है. वहीं, इस साल पारस नदी के किनारे भी 15 हजार वृक्षारोपण करने की योजना है.

नदी के किनारे आंवला, आम, जामुन, शीशम, काला शीशम व शिरिस जैसे वृक्षों के पौधे लगाये जायेंगे. इससे पर्यावरण संतुलन बनाये रखने में सहयोग मिलेगा. साथ ही नदी के किनारे की मिट्टी का कटाव रूकेगा और पानी के बहाव के साथ बहने वाले मिट्टी की ऊर्वरा भी बची रहेगी. वहीं स्थानीय लोगों को पेड़ के फलों से आर्थिक आमदनी भी होगी. इसके अलावा अभी औषधीय पौधा गिलोई भी लगाने की योजना है.

वन क्षेत्र में बढ़ोतरी होना फायदेमंद : डीएफओ

डीएफओ श्रीकांत ने बताया कि हर साल गुमला जिला में वन क्षेत्र की बढ़ोतरी हो रही है. यह हमारे पर्यावरण के लिए काफी फायदेमंद है. विभागीय स्तर पर वन क्षेत्र का दायरा बढ़ाने पर काम चल रहा है. वन क्षेत्र का हनन न हो, इसका भी ध्यान विभाग की ओर से रखा जा रहा है. नियमित रूप से वन विभाग के पदाधिकारी व वनरक्षी वन क्षेत्र का दौरा करते रहते हैं. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर वन विभाग द्वारा गांवों में बनाये गये वन संरक्षण समिति के लोग भी वन क्षेत्र का देखभाल कर रहे हैं.

Posted By : Samir ranjan.

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