कोरोना ने छीनी पढ़ाई, गुमला में डेढ़ लाख छात्र में मात्र 17 फीसदी ही कर रहे हैं ऑनलाइन स्टडी

Jharkhand news, Gumla news : पहले कोरोना बीमारी. फिर लॉकडाउन और अब अनलॉक. धीरे-धीरे ये इंतजार बढ़ रहा है. आखिर कब जायेगा कोरोना. इस सवाल का जवाब सभी ढूंढ रहे हैं. कोरोना संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है. स्कूल बंद है. पढ़ाई नहीं करेंगे, तो भविष्य का डर है. इस कोरोना काल में स्कूलों में पढ़ाई- लिखाई ठप हो गया है. अनलॉक होने के बाद भी स्कूल खुलने के रास्ते लॉक हैं. स्कूल की पढ़ाई अभी भी लॉकडाउन में फंसी है.
Jharkhand news, Gumla news : गुमला (दुर्जय पासवान) : पहले कोरोना बीमारी. फिर लॉकडाउन और अब अनलॉक. धीरे-धीरे ये इंतजार बढ़ रहा है. आखिर कब जायेगा कोरोना. इस सवाल का जवाब सभी ढूंढ रहे हैं. कोरोना संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है. स्कूल बंद है. पढ़ाई नहीं करेंगे, तो भविष्य का डर है. इस कोरोना काल में स्कूलों में पढ़ाई- लिखाई ठप हो गया है. अनलॉक होने के बाद भी स्कूल खुलने के रास्ते लॉक हैं. स्कूल की पढ़ाई अभी भी लॉकडाउन में फंसी है.
स्कूल बंद होने के बाद ऑनलाइन पढ़ाने (Online study) की जो स्थिति गुमला जिले में है. वह पूरे राज्य में सबसे खराब है. गुमला जिले में सरकारी स्कूलों में वर्ग एक से लेकर वर्ग 12वीं तक में मात्र 17 फीसदी छात्र ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं. इसमें भी वे ही छात्र ऑनलाइन में रूचि ले रहे हैं. जिन स्कूलों के शिक्षक बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीर हैं.
गुमला जिले में सरकारी एवं अल्पसंख्यक स्कूलों की संख्या 1581 है. जिसमें छात्रों की नामांकन एक लाख 50 हजार 202 है. इसमें लड़के 71 हजार 346 है, जबकि लड़कियां 78 हजार 856 है. शिक्षा विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, एक लाख 50 हजार 202 छात्र में से मात्र 17 प्रतिशत छात्र ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं. बाकी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं. इसकी जानकारी न तो शिक्षकों को है और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को है. जिला शिक्षा पदाधिकारी पूरे लॉकडाउन में ऑनलाइन शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिये. यही वजह है कि झारखंड के 24 जिलों में गुमला जिला की स्थिति सबसे खराब है.
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बसिया में 13 प्रतिशत, भरनो में 23, बिशुनपुर में 18, चैनपुर में 07, डुमरी में 16, घाघरा में 17, गुमला में 18, कामडारा में 20, पालकोट में 12, रायडीह में 24 व सिसई में 17 प्रतिशत छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं.
गुमला शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति ठीक है. इसके बाद भी यहां मात्र 18 प्रतिशत ही छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं. इससे यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि गुमला के शिक्षक या तो बच्चों को पढ़ाने में रुचि नहीं दिखाये. या तो फिर उन्हें बच्चों को पढ़ाने से ज्यादा लॉकडाउन में आराम करने का बहाना मिल गया. यहां तक कि मुख्यालय में बैठने वाले अधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं दिये, जबकि दूसरी ओर रायडीह प्रखंड के कई इलाकों में मोबाइल की समस्या है. कई बच्चों के पास मोबाइल भी नहीं है. इसके बावजूद रायडीह प्रखंड में सर्वाधिक 24 प्रतिशत बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं. सबसे खराब चैनपुर प्रखंड की सात प्रतिशत बच्चे ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं.
पुस्तक वितरण व छात्रों के नामांकन की जानकारी देने में बसिया प्रखंड के शिक्षा विभाग के अधिकारी पीछे हैं. इसलिए बसिया के बीइइओ, बीपीओ व कंप्यूटर ऑपरेटर से जिले के अधिकारी ने स्पष्टीकरण की मांग की है.
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गुमला के एडीपीओ पियुष कुमार ने कहा कि गुमला जिले में 1581 स्कूल है. जिसमें 80 प्रतिशत स्कूल के शिक्षकों ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए व्हाटसअप ग्रुप बनाया है. लेकिन, इसमें मात्र 17 प्रतिशत छात्र ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं. कहीं मोबाइल नेटवर्क, तो कहीं छात्र के पास मोबाइल नहीं होने की समस्या है. इस कारण अधिक छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं जुड़ सके हैं.
Posted By : Samir Ranjan.
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