गुमला चेंबर चुनाव में हेराफेरी का आरोप में छह चुनाव पदाधिकारी के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज

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गुमला शहर के बड़ाइक मुहल्ला निवासी रमेश कुमार चीनी ने गुमला कोर्ट में चेंबर ऑफ कामर्स गुमला के छह चुनाव पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है.

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गुमला : गुमला शहर के बड़ाइक मुहल्ला निवासी रमेश कुमार चीनी ने गुमला कोर्ट में चेंबर ऑफ कामर्स गुमला के छह चुनाव पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है. इन लोगों पर चेंबर चुनाव में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है. जिसमें मुख्य चुनाव पदाधिकारी मेन रोड गुमला निवासी हिमांशु केसरी उर्फ हिमांशु आनंद, सहायक चुनाव पदाधिकारी पंडित मुहल्ला निवासी पवन कुमार अग्रवाल,

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ज्योति संघ निकट निवासी दामोदर कसेरा, पालकोट रोड निवासी महेश कुमार लाल, पालकोट रोड निवासी सत्यनारायण पटेल व निर्मल गोयल को मुदालय बनाया गया है. जबकि गवाहों में शशि प्रिया बंटी, अमित पोद्दार, प्रतीक केसरी, विकास सिंह, अनमोल गुप्ता, मोहम्मद फिरोज आलम के नाम शामिल है.

फर्जी मतदाता बनाने का आरोप :

रमेश कुमार ने दर्ज केस में कहा है कि 19 सितंबर 2021 को चेंबर ऑफ कॉमर्स का चुनाव संपन्न हुआ था. चुनाव से पहले सभी व्यापारियों का नवीकरण कर लगभग दो लाख 81 हजार रुपये जमा किया गया. उसी रुपये से यह चुनाव आयोजित किया गया था. इस चुनाव में खुद शिकायतकर्ता (रमेश कुमार चीनी) प्रत्याशी थे.

इस चुनाव के मुख्य चुनाव पदाधिकारी हिमांशु केसरी थे. जबकि सहायक चुनाव पदाधिकारी में उपरोक्त पांच लोग थे. चुनाव के पूर्व में मुख्य चुनाव पदाधिकारी हिमांशु केसरी ने मतदाता सूची तैयार की. जिस वोटर लिस्ट में सभी वोटरों का नाम चढ़ाया गया था. उक्त वोटर लिस्ट में चुनाव पदाधिकारी हिमांशु केसरी ने अपने अधिकार का दुरूपयोग किया. वह अपना नाम, अपने मित्र सहयोगी तथा कर्मचारी के नाम से गलत तरीके से कई फार्म के नाम पर फर्जी वोटरों का नाम सूची में चढ़ा दिया है.

कई फार्म के असली मालिक के नाम के साथ अपना, अपने मित्र, सहयोगी तथा कर्मचारी का नाम गैरकानूनी रूप से मतदाता सूची में चढ़ा दिया. हिमांशु केसरी ने अपने पद का दुरूपयोग कर 78 लोगों का नाम मतदाता सूची में फर्जी तरीके से चढ़ाया है. जबकि यह फार्म अस्तित्व में नहीं है. एक फार्म का नाम 3-4 बार मतदाता सूची में विभिन्न क्रम संख्या में चढ़ाया गया है.

जिससे हिमांशु एक पक्षीय मतदान करा सके और एक विशेष पक्ष को लाभ पहुंचा सके. इस तरह से वोटर लिस्ट में हिमांशु ने काफी हेरफेर किया है. हिमांशु केसरी के निर्देशानुसार वोटर लिस्ट में नाम नहीं भी होने पर कई मतदाता जो, उसके मित्र, सहयोगी या कर्मचारी थे. उन लोगों ने अपना मतदान किया. जिसपर किसी भी सहायक चुनाव पदाधिकारी ने कोई विरोध नहीं किया ना ही उनके पहचान की कोई दस्तावेज मांगी.

कई मतदाता जिनका मतदाता सूची में नाम था. उसे वोट देने से रोका गया. जिस पर कई मतदाताओं ने हंगामा किया. जिसके बाद उन मतदाताओं को मतदान करने का अनुमति दी. इस संबंध में थाना प्रभारी को आवेदन दिया गया था. परंतु उन्होंने कुछ कार्रवाई नहीं किया. इसके बाद कोर्ट में केस किया गया. रमेश कुमार ने चुनाव पदाधिकारियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई कर दंडित करने की मांग की है.

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